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मेरठ के गांधी बाग में 'लाइट एंड साउंड शो' से जीवंत होगी 1857 की क्रांति की गाथा, बहुत खास होगा यह अनुभव

By Pradeep Diwedi Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 29 Oct 2026 02:50 PM (IST)

मेरठ के गांधी बाग में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित लाइट एंड साउंड शो आधुनिक तकनीक से इतिहास को जीवंत करेगा। अब इसके उद्घाटन की तैयारी है।

गांधी बाग में चलता म्यूजिकल फाउंटेन और तैयार हुआ सिस्टम जिस पर दिखाया जाएगा शो।  जागरण

गांधी बाग में चलता म्यूजिकल फाउंटेन और तैयार हुआ सिस्टम जिस पर दिखाया जाएगा शो। जागरण

HighLights

  1. दो-तीन दिन में हो सकता है लाइट एंड साउंड शो का भव्य शुभारंभ।

  2. ट्रायल पूर्ण, अत्याधुनिक तकनीक से पर्दे पर साकार होगी अमर गाथा।

जागरण संवाददाता, मेरठ। जिस मेरठ की धरती से वर्ष 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला प्रज्वलित हुई थी, अब उसी ऐतिहासिक शौर्यगाथा को गांधी बाग में रोशनी, ध्वनि और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध उठी बगावत की पहली चिंगारी, रणभूमि में क्रांतिकारियों का अदम्य साहस और आजादी के लिए दिए गए असंख्य बलिदानों की गाथा अब नई पीढ़ी के सामने एक अनूठे अंदाज में प्रस्तुत होगी। गांधी बाग में लाइट एंड साउंड शो तैयार हो चुका है और इसका ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

अब छावनी परिषद के अध्यक्ष की सहमति से शुभारंभ की तिथि निर्धारित होने का इंतजार है। अगले दो-तीन दिनों में शो का उद्घाटन किए जाने की संभावना है।

यह पहल मेरठ के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने के साथ ही उसे जनमानस तक प्रभावशाली ढंग से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 1857 का संग्राम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का एक निर्णायक अध्याय है।

मेरठ से उठी विद्रोह की लहर ने देखते ही देखते आसपास के क्षेत्रों को भी प्रभावित किया और अंग्रेजी सत्ता को चुनौती देने वाले संघर्ष का विस्तार हुआ। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम को अब गांधी बाग में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।

मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि जल्द ही छावनी परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर एसके सिंह से वार्ता करके शुभारंभ की तिथि निर्धारित की जाएगी।

रख-रखाव के लिए लिया जाएगा सामान्य शुल्क

गांधी बाग में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण मेडा ने अवस्थापना निधि से कराया है। परियोजना का काम पूरा होने के बाद अब इसके नियमित संचालन की तैयारी है। मेडा ने शो के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एक निजी कार्यदायी कंपनी को सौंपी है।

यह कंपनी आगामी पांच वर्षों तक शो का संचालन करने के साथ इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी। संबंधित कंपनी की ओर से इसके रखरखाव के लिए सामान्य शुल्क लिया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य शो का नियमित संचालन सुनिश्चित करना और तकनीकी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना है, ताकि दर्शकों को लंबे समय तक इस ऐतिहासिक प्रस्तुति का लाभ मिल सके।

क्या है लाइट एंड साउंड शो की खासियत

लाइट एंड साउंड शो आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसी ऐतिहासिक घटना, व्यक्तित्व या विरासत को रोचक दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति में बदलने का माध्यम है। इसमें अत्याधुनिक लाइटों, लेजर और थ्रीडी प्रोजेक्शन मैपिंग की मदद से दीवारों अथवा निर्धारित सतहों पर चित्र, दृश्य और घटनाक्रम उकेरे जाते हैं।

इसके साथ प्रभावशाली आवाज, संवाद और संगीत का संयोजन किया जाता है। प्रकाश, ध्वनि और दृश्य प्रभावों के इस समन्वय से कहानी दर्शकों के सामने इस तरह प्रस्तुत होती है कि इतिहास की घटनाएं जीवंत होने का अनुभव कराती हैं।