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मेरठ में सूबे की पहली इंटीग्रेटेड टीओडी टाउनशिप का लेआउट तैयार, जल्द ही शुरू होंगे विकास कार्य

By Pradeep Diwedi Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 27 Oct 2026 01:19 AM (IST)

मेरठ विकास प्राधिकरण ने प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टीओडी टाउनशिप का लेआउट तैयार कर लिया है, जिसे कमिश्नर ने हरी ...और पढ़ें

न्यू टाउनशिप का प्रतीकात्मक फोटो। सौ. मेडा

न्यू टाउनशिप का प्रतीकात्मक फोटो। सौ. मेडा

HighLights

  1. पहली इंटीग्रेटेड टीओडी टाउनशिप का लेआउट तैयार।

  2. कमिश्नर ने लेआउट को हरी झंडी दी, विकास कार्य जल्द।

  3. नव वर्ष पर प्लाटों का आवंटन शुरू करने की तैयारी।

जागरण संवाददाता, मेरठ। प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टीओडी टाउनशिप के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने लेआउट तैयार कर लिया है, जिसे कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने हरी झंडी दे दी है। अब इसको मेडा बोर्ड, शासन से स्वीकृति दिलाकर रेरा से पंजीकृत कराया जाएगा। जल्द ही यहां पर विकास कार्य शुरू करने की तैयारी है ताकि नव वर्ष पर प्लाटों का आवंटन शुरू किया जा सके।

दिल्ली रोड किनारे मोहिउद्दीनपुर, कायस्थ गांवड़ी, छज्जूपुर व इकला गांवों की भूमि खरीदकर न्यू टाउनशिप विकसित की जाएगी। 294 हेक्टेयर पर प्रस्तावित टाउनशिप के लिए समझौते के आधार पर 160 हेक्टेयर से अधिक भूमि खरीदी जा चुकी है। बाकी भूमि अधिग्रहण कानून के तहत खरीदी जाएगी। हाल ही में कंसल्टेंट कंपनी आइक्यूटी इंडिया कंपनी के प्रतिनिधियों व मेडा उपाध्यक्ष ने लेआउट का कमिश्नर के सामने प्रस्तुतीकरण किया था। उनकी सलाह के प्रमुख बिंदुओं को शामिल करने के बाद लेआउट को अंतिम रूप दिया गया है।

यह टाउनशिप 31 सेक्टरों में फेस-वन व फेस-टू में विकसित होगी। इस टाउनशिप के लिए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नया शहर प्रोत्साहन योजना से धनराशि प्राप्त हुई है। यह ऐसी टाउनशिप होगी जिसमें आवास तो होंगे उसी परिसर में औद्योगिक क्षेत्र व व्यावसायिक क्षेत्र भी होंगे। नई बात यह होगी इसमें आवास के साथ ही उद्योग व व्यवसाय के लिए फ्लैट व कांप्लेक्स रहेंगे। यानी टाउनशिप का अधिकांश हिस्सा फ्लैट वाला होगा।

यह होती है टीओडी टाउनशिप
टीओडी यानी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति के तहत ऐसी टाउनशिप विकसित की जाती है, जो नमो भारत जैसी परिवहन के प्रमुख गलियारे के आसपास बसाई जाए, ताकि आवासीय, व्यावसायिक और कार्यालय संबंधित गतिविधियां मेट्रो या रैपिड जैसे तीव्र परिवहन साधनों से सीधे जुड़ी रहें।