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'कनाट प्लेस' जैसी शान, लेकिन पार्किंग, रोशनी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा मेरठ का आबू लेन बाजार

By Dileep Patel Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 12 Oct 2026 07:26 PM (IST)

मेरठ के आबू लेन बाजार में त्योहारों के दौरान पार्किंग, रोशनी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जिससे ...और पढ़ें

आबूलेन बाजार की सड़क पर बेसहारा पशु, पीछे रास्ता मांगते वाहन सवार, सड़क पर ही खड़े वाहनों से जाम की स्थिति। जागरण

आबूलेन बाजार की सड़क पर बेसहारा पशु, पीछे रास्ता मांगते वाहन सवार, सड़क पर ही खड़े वाहनों से जाम की स्थिति। जागरण

HighLights

  1. दैनिक जागरण की टीम ने जाना पश्चिम उप्र के प्रमुख बाजार का हाल।

  2. खराब स्ट्रीट लाइटें, टूटे शौचालय, बेसहारा पशु बड़ी समस्या।

  3. व्यापारी संघ ने बुनियादी सुविधाओं के सुधार की मांग की।

दिलीप पटेल, मेरठ। त्योहार का सीजन शुरू हो गया है। नवरात्र से बाजार गुलजार हैं और दशहरा से दीपावली तक खरीदारों की भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में खराब स्ट्रीट लाइट, गड्ढों वाली सड़कें, बेसहारा पशु, पार्किंग की कमी, लटकते बिजली के तार और शौचालय व पेयजल जैसी सुविधाओं का अभाव बाजारों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।

त्योहार पर अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं होती। इसे देखते हुए दैनिक जागरण व्यवस्थित बाजार अभियान शुरू किया है। बाजारों की समस्याएं संबंधित विभागों के सामने रखी जाएंगी। पेश है पहली किस्त में आबू लेन बाजार का हाल...।

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शाम के समय आबू लेन बाजार फव्वारा चौक पर लगा जाम। जागरण 

बेगमपुल नमो भारत स्टेशन और दिल्ली रोड से सटा आबू लेन बाजार मेरठ का नहीं पश्चिम उप्र का सबसे प्रमुख बाजार है। इसकी तुलना दिल्ली के कनाट प्लेस से की जाती है। बावजूद इसके बाजार पार्किंग,फुटपाथ, मार्ग प्रकाश जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। बड़ा बाजार होने के बावजूद स्वच्छ महिला शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है, जो बने थे वो उखड़े और गंदगी से अटे पड़े हैं।

ये है खासियत

बेगमपुल नमो भारत-मेट्रो स्टेशन के करीब है। बेगमपुल चौराहे करनैल होटल से आबूलेन बाजार शुरू होता है। अंतिम छोर फव्वारा चौराहा है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय नामचीन कपड़ों, सौंदर्य प्रसाधन के ब्रांडों के साथ प्रतिष्ठित ज्वैलर्स, कार, इलेक्ट्रानिक्स सामान, मोबाइल के शोरूम है। साउथ इंडियन और चाइनीज व्यंजनों से भरपूर रेस्टोरेंट, दो बड़े होटल हैं।

दीर्घकालिक समस्या व समाधान

  • बाजार की मुख्य समस्या पार्किंग है। जगह नहीं होने से वाहन सड़क पर खड़े होते हैं और जाम लगता है। आबू नाले के पास 500 वाहनों की क्षमता वाली मल्टीलेवल या मैकेनाइज्ड कार पार्किंग बनाने से राहत मिल सकती है।
  • बाजार में तारों का जंजाल हटाने के लिए भूमिगत लाइनें बिछाने की जरूरत है। पुराने फुटपाथ नए सिरे से बनाए जाएं, ताकि लोग पैदल बाजार में घूम सकें।
  • गणपति कांप्लेक्स से दास मोटर्स के मोड़ तक जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। करनैल होटल से मोती महल होटल तक नालियां कचरे से भरी हैं और हल्की बारिश में दुकानों के आगे पानी भर जाता है। नालियों का पुनर्निर्माण जरूरी है।
  • बेगमपुल चौराहे की ओर बाजार का प्रवेश द्वार संकरा है। इसे चौड़ा करने से आवाजाही आसान होगी और आमने-सामने वाहन आने पर लगने वाला जाम घटेगा।

समस्याएं, जिनका तत्काल निस्तारण की जरूरत

  • दो साल पहले लगाई गई करीब 20 आधुनिक स्ट्रीट लाइटें पोल से गायब हैं। अंधेरे में चेन स्नेचिंग और छेड़छाड़ का भय रहता है। लाइटें तत्काल लगाई जानी चाहिए।
  • पूरे बाजार में निशात सिनेमा के सामने केवल एक महिला शौचालय है, जिससे ग्राहकों और दुकानों में काम करने वाली महिलाओं को परेशानी होती है। काठ के पुल के पास का शौचालय टूट चुका है। बंगला संख्या 180 की पार्किंग का शौचालय भी टूटा है और सफाई नहीं होती। चाट बाजार की ओर का शौचालय भी उपयोग लायक नहीं है।
  • बेसहारा पशु दिन-रात मुख्य सड़कों पर घूमते हैं। आबू प्लाजा की सड़क गड्ढे है। बंगला संख्या 173 और 180 की पार्किंग के रास्ते पर कूड़ा पड़ा रहता है तथा नाले के पास ढेर लगा रहता है। प्रमुख बाजार में सफाई की कमी है।

इन्होंने कहा 

कैंट बोर्ड से मांग कर रहे हैं कि डिवाइडर को तोड़कर पार्किंग के लिए जगह दे दी जाए। डिवाइडर बनने से कोई फायदा नहीं हुआ। होर्डिंग ने बाजार को बदसूरत बना दिया है। रात में अराजक तत्व इसी में सोते हैं। -सरदार राजवीर सिंह, महामंत्री, आबू लेन व्यापार संघ
ट्रैफिक पुलिस से मांग है कि ई रिक्शा त्योहार पर बाजार में आने बंद नहीं होने चाहिए। ताकि बुजुर्ग लोग बाजार तक आसानी से पहुंच सकें। आबूलेन बाजार में पार्किंग साइड निर्धारित करती सफेट पट्टी मिट गई है, उसे सफेद कर दिया जाए। -तुषार नांगिया, व्यापारी।
फव्वारा चौक पर स्ट्रीट वेंडर की भरमार हो गई है। खानपान के ठेले चौराहा और सड़क घेरते हैं। इनको किसी और स्थान पर व्यवस्थित करने की जरूरत है। -संजय मुंजाल, व्यापारी।
आबूलेन बाजार की प्रकाश व्यवस्था दो हाई मास्ट के भरोसे हैं। आधुनिक स्ट्रीट लाइट गायब है। अंधेरा रहता है। नाले की तरफ भी लाइट कम होने से ग्राहकों का परेशानी होती है। इसे सही किया जाए।    -चेतन नागपाल, व्यापारी।
बाजार में मुख्य समस्या पार्किंग की है। वाहन खड़ी करने में बड़ी समस्या आती है। इसी के कारण जाम भी लगता है। -पुनीत अग्रवाल, पल्लवपुरम।
महिलाओं के शौचालय की व्यवस्थ की जानी चाहिए। फुटपाथ भी बने। पैदल नहीं चल सकते हैं। बच्चों के साथ सड़क से निकलने पर डर लगता है।-संध्या, बेगमपुल रोड।
आबूलेन बाजार की समस्याओं के समाधान पर अमल किया जाएगा। पार्किंग को लेकर कैंट विधायक की तरफ से बात की गई है। यदि मेडा या निगम की ओर से प्रस्ताव आता है तो एनओसी देने पर विचार किया जाएगा। कैंट बोर्ड के पास इतना बजट नहीं है कि मल्टी लेवल कार पार्किंग बनाई जा सके। -जाकिर हुसैन, सीईओ छावनी परिषद।
आबू लेन पर अतिक्रमण और पार्किंग को लेकर छावनी परिषद के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। दोनों व्यवस्थाएं बनाने में यातायात विभाग पूरा सहयोग करेगा। -राजेश श्रीवास्वत, एसपी यातायात।