Namo Bharat कॉरिडोर पर कार्गो ट्रेन सेवा मिले तो बात बनें ! रफ्तार से चलेगा व्यापार, खुलेंगे संभावनाओं के द्वार
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर कार्गो ट्रेन सेवा शुरू होने से व्यापार में क्रांति आ सकती है। व्यापारियों का मानना ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
जागरण संवाददाता, मेरठ। दिल्ली से मेरठ के बीच शुरू हुई तेज रफ्तार कनेक्टिविटी ने जहां यात्रियों की दूरी घटा दी है, वहीं अब व्यापार जगत की नजर इसके एक और संभावित उपयोग पर टिक गई है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कारिडोर के निर्माण के समय ही संभावना जताई गई थी कि विभिन्न वस्तुओं को पहुंचाने के लिए रात के समय कार्गो ट्रेन की सेवा भी शुरू होगी।
शहर के व्यापारी चाहते हैं कि यदि बेहतर योजना के साथ डोर-टू-डोर सामान पहुंचाने की सुविधा शुरू हो जाए तो इससे व्यापार का स्तर बदल जाएगा। मेरठ ही नहीं, गाजियाबाद व दिल्ली के व्यापार को नई रफ्तार मिल सकती है।
व्यापारियों का कहना है कि कार्गो ट्रेन शुरू होने से दिल्ली से बुकिंग वाले पार्सल, कूरियर और औद्योगिक सामान सीधे मेरठ तक लाए जा सकेंगे। इससे ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी और समय की भी बचत होगी। वहीं, व्यवस्था शुरू होने पर मेरठ से सब्जी, दूध और अन्य कृषि उत्पाद तेजी से दिल्ली व एनसीआर के बाजारों तक पहुंच सकेंगे।
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि यह सुविधा केवल मेरठ ही नहीं, बल्कि दिल्ली के व्यापार के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है। दिल्ली के थोक बाजारों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ताजा कृषि उत्पाद कम समय में मिल सकेंगे, जबकि मेरठ के उद्योगों को कच्चा माल और पार्सल डिलीवरी तेज हो जाएगी। ।
ब्लू डार्ट कंपनी कर चुकी ट्रायल
पिछले वर्ष कूरियर कंपनी ब्लू डार्ट ने गाजियाबाद तक इस तरह की सेवा की संभावनाओं को देखते हुए ट्रायल भी किया था। उस समय उम्मीद जताई जा रही थी कि भविष्य में इसे मेरठ तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन बाद में कंपनी ने इस योजना से हाथ पीछे खींच लिए। उम्मीद जताई जा रही है कि अब जब दिल्ली से मेरठ तक नमो भारत ट्रेन की यात्री सेवा शुरू हो चुकी है तो अब कोई न कोई नई कंपनी कार्गो ट्रेन के लिए रुचि दिखाएगी।
खुल सकता है संभावनाओं का द्वार
जिस तरह नमो भारत ट्रेन ने दिल्ली और मेरठ को यात्रियों के लिहाज से करीब ला दिया है, उसी तरह यदि कार्गो सेवा भी शुरू हो जाती है तो यह कारिडोर दोनों शहरों के व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाओं का दरवाजा खोल सकता है। यह परचून ट्रांसपोर्ट यानी छोटे कार्गो वाहनों का विकल्प बन सकता है। हालांकि दुकान तक पहुंचाने की सुविधा भी देनी होगी।
-राजवीर सिंह, महामंत्री, आबूलेन व्यापार संघ।
धन की बचत व मिलेगी सुविधा भी
वर्तमान में दिल्ली से शाम को माल बुक कराते हैं और सुबह दुकान तक पहुंच जाता है। इसमें सिर्फ 110 रुपये खर्च आता है। यदि कार्गो ट्रेन के चलने पर समय और धन की बचत हो तथा वर्तमान सुविधा से भी अधिक लाभ मिले तो इसका सभी व्यापारी स्वागत करेंगे। जिस तरह से यात्रा में बदलाव आया है उसी तरह से सामान पहुंचाने के लिए भी योजना बनानी होगी।
-सुनील दुआ, महामंत्री, सदर बाजार व्यापार संघ।
व्यापार पर भी बड़ा असर पड़ेगा
कार्गो ट्रेन के चलने पर मेरठ ही नहीं दिल्ली के व्यापार पर भी बड़ा असर पड़ेगा। जहां व्यापारियों के पार्सल आसानी से पहुंचेगा वहीं सामान्य खरीदारी करने वाले परिवार दिल्ली के बाजार से ही बुकिंग करा लेंगे। यात्री ट्रेन से सामान कम लाने की छूट है, ऐसे में तब कार्गो ट्रेन विकल्प बन जाएगी। बहरहाल, इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
-रजनीश कौशल, महामंत्री, मेरठ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।
कार्गो वाहन सेवा से बेहतर विकल्प मिलेगा
कार्गो ट्रेन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कार्गो वाहन सेवा से बेहतर विकल्प प्रदान करे। दिल्ली से मेरठ तक सामान पहुंचाना और मेरठ से दिल्ली तक कोई सामान जाने में अब बड़ी समस्या नहीं रही लेकिन सुविधाजनक सेवा की मांग हमेशा बनी रहती है। कार्गो ट्रेन में महंगे और संवेदनशील सामान अधिक आएंगे।
-विनेश जैन, महानगर अध्यक्ष, मेरठ डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन।
