मेरठ (प्रदीप द्विवेदी)। एनसीआर रीजनल और सब रीजनल प्लान 2021 पर अमल हुआ तो मेरठ भी शेष एनसीआर की तर्ज पर दौड़ेगा। सड़क एवं परिवहन की दशा सुधारने पर काम तेज हुआ है। रीजनल और सब रीजनल प्लान 2021 में फोकस किए गए कामों की योजनाओं को ही आगे बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इसी सप्ताह एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की स्टीय¨रग कमेटी की बैठक बुलाई है। इसमें मेरठ में परिवहन, सड़क, आवास, प्राधिकरण का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। दिल्ली व मेरठ के बीच रैपिड रेल हो या फिर मेरठ शहर में मेट्रो का प्रस्ताव इन सब का तानाबाना रीजनल व सब रीजनल प्लान में ही बुना गया था। जिन सड़कों पर काम अब तक नहीं हुआ है, उस पर सरकार आगे कदम बढ़ाएगी। ग्रीन फील्ड जैसे हाईवे भविष्य में आठ लेन किए जाएंगे।

रीजनल प्लान के बड़े प्रोजेक्ट

-ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे

-गाजियाबाद-मेरठ एक्सप्रेस-वे(मेरठ-डासना)

ग्रिड रोड व लिंक रोड

-सोनीपत-बागपत-मेरठ

-मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर-खुर्जा-पलवल

-बड़ौत-सरधना-दौराला-लावड़-मसूरी

-गढ़मुक्तेश्वर-किठौर-मेरठ

-मेरठ-बागपत (स्टेट हाईवे-14)

-सकौती-फलावदा-मवाना-परीक्षितगढ़-किठौर-हापुड़

बढ़ेगी बसों की संख्या और डिपो

पीएसआरटीसी के आंकड़ों (2012) के अनुसार मेरठ में भैंसाली डिपो, सोहराब गेट डिपो व सिटी ट्रांसपोर्ट को मिलाकर 627 बसे हैं। इन्हें 2021 तक बढ़ाकर 1105 किया जाना है। मेरठ बाईपास रोड पर सेटेलाइट बस स्टेशन तथा मवाना बाईपास रोड पर बस स्टेशन व बस डिपो प्रस्तावित हैं।

प्रस्तावित रेल कॉरिडोर

-डेडीकेटेड फ्रेट कारिडोर ईस्टर्न

-डेडीकेटेड फ्रेट कारिडोर वेस्टर्न

-दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कारिडोर

लॉजिस्टिक पार्क एवं कंटेनर डिपो

मेरठ, लोनी, खुर्जा व दादरी में लॉजिस्टिक हब या कंटेनर डिपो बनाने का प्रस्ताव है। भविष्य में इसका फायदा मेरठ को मिलेगा।

रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम में प्रस्तावित रूट

-रीजनल आर्बीटल रेल- पानीपत-रोहतक-रेवाड़ी-पलवल-खुर्जा-हापुड़-मेरठ

-इनर रीजनल आर्बीटल रेल कारिडोर-सोनीपत-खरखौदा-सांपला- झज्जर-गुरुग्राम-फरीदाबाद-दादरी-गाजियाबाद-मेरठ-बागपत।

-मेरठ से सोनीपत के बीच 66 किमी की रेल लाइन भी शामिल है।

रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने रैपिड रेल के आठ रूट प्रस्तावित किए थे।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, गाजियाबाद-खुर्जा,

दिल्ली-गाजियाबाद-हापुड़,

दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ पर काम शुरू हो चुका है।

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट

मेरठ में डा. भीमराव आंबेडकर एयर स्ट्रिप है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने भविष्य में यात्रियों के दबाव, उत्तराखंड से नजदीकी व पश्चिमी उप्र का प्रमुख हब होने के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया था। भविष्य में इस पर काम हो सकता है।

एनसीआर का सब रीजनल प्लान बदलेगा मेरठ की तस्वीर

करीब एक दशक पूर्व बना एनसीआर का सब रीजनल प्लान-2021 अब धरातल पर दिखाई देगा। 2014 में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में तय हुए कामकाज पूरे किए जाएंगे। इस संबंध में जल्द ही एनसीआर बोर्ड की स्टीय¨रग कमेटी की लखनऊ में बैठक होगी। सब रीजनल प्लान 2021 में पेयजल की उपलब्धता व जल बर्बादी रोकना, कूड़ा निस्तारण, ई-कूड़ा निस्तारण, रैपिड व मेट्रो जैसी परिवहन व्यवस्था, प्रमुख शहरों के लिए बस व्यवस्था, इनर ¨रग, पर्यावरण, प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पर्यटन, होटल, इंटीग्रेटेड टाउनशिप, प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों का विकास, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, गंगा एवं यमुना को प्रदूषण से मुक्ति, आपदा प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, जल निकासी प्रबंधन आदि मुद्दे शामिल थे, लेकिन इन पर प्रभावी अमल नहीं हुआ।

नोएडा-गाजियाबाद के हिस्से में जाता रहा काम

वर्ष 2014 में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की दिल्ली में बैठक हुई थी। इसमें लिए गए निर्णय मेरठ समेत एनसीआर की सूरत बदल सकते थे। उप्र सरकार के खास कदम न उठाने से मेरठ उपेक्षित रहा। जो कुछ काम हुआ वह सिर्फ नोएडा व गाजियाबाद के हिस्से में जाता रहा। एक तरह से नोएडा व गाजियाबाद ही एनसीआर का असल अंग बनकर रह गए। अब मेरठ को भी इसका लाभ मिलेगा। एनसीआर की स्टीय¨रग कमेटी की बैठक में 2014 की बोर्ड की बैठक में तय किए गए कामकाज और एनसीआर सब रीजनल प्लान 2021 को धरातल पर उतारने का निर्णय लिया जाएगा। लखनऊ में जल्द ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एनसीआर स्टीय¨रग कमेटी की बैठक होगी।

वीसी एमडीए साहब सिंह का कहना है कि सब रीजनल प्लान 2021 के तहत मेरठ में कार्य होने हैं। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 2014 में हुई बैठक में जो लक्ष्य तय हुए थे,उसकी समीक्षा लखनऊ में होगी। जो काम शेष रह गए हैं, उस पर तेजी से कार्य शुरू होगा।

Posted By: Jagran