मेरठ, जेएनएन। Meerut Weather Update मेरठ के आसपास के कुछ जिलों में मंगलवार को झमाझम बारिश ने मौसम मिजाज बदल दिया। मेरठ में कुछ स्‍थानों पर रिमझिम हुई, लेकिन आसमान पर बादल बने रहे। 26 और 27 जुलाई को भारी बारिश होने की आशंका जताई जा रही थी। अभी बारिश के आसार बन रहे हैं। कुछ जिलों में दोपहर के बाद अचानक बादल घिर कर आए और बारिश का दौर शुरू हो गया। बागपत में भी सुबह से ही तेज बारिश का दौर जारी रहा। जलजमाव से लोगों को दिक्‍कतों का सामना करना पड़ा। आसमान पर बादल की गश्‍त अभी जारी रहेगी।

बागपत में सावन के माह की शुरूआत होते ही झमाझम बारिश होनी शुरू हो गई है। मंगलवार सुबह से ही कभी तेज तो कभी रूकरूकर पानी बरस रहा है। गर्मी से तो राहत पहुंची, लेकिन जलभराव ने परेशानी पैदा कर दी है। सड़क से लेकर बस्ती, मोहल्ले और गलियों में जलभराव हो गया है। किसानों के लिए लाभ पहुंचाने वाली बारिश हो रही है।

सोमवार को बादल छाए रहे, लेकिन गर्मी कम नहीं थी। उमस की वजह से लोग पसीना-पसीना हो रहे थे। गर्मी से बेहाल लोगों को मंगलवार को राहत पहुंची। सुबह भे कभी झमाझम तो कभी बूंदाबंदी होती रही है। सुबह के समय बारिश होनी शुरू हो गई थी जो शाम साढ़े चार बजे तक बारिश चलती रही। बादल छाये रहने से शाम को भी बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा था। गली-मोहल्लों में बारिश से हुए जलभराव की वजह से परेशानी पैदा हो गई है। दिल्ली-यमनोत्री हाईवे पर सबसे ज्यादा परेशानी वाहन चालकों को हुई है।

गली-मोहल्लें में भी ऐसा ही हाल था। ग्रामीण क्षेत्रों में हालत तालाबों की वजह से बदतर हो गए है। लोगों के घरों तक में पानी पहुंच गया था। मार्गो पर भी पानी जमा हो गया है। अब लोग प्रशासन से तालाबों की सफाई कराने की मांग कर रहे है ताकि बारिश का पानी तालाब सोख सके और क्षेत्र का जिला स्तर बढ़ सके।

कच्चे मकान वालों को दिक्कत हुई। छते टपकने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं किसानों के भी चेहरे खिले हुए थे। गन्ना और धान के खेत पानी से भर गए। बेलदार फसलों को थोड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका है। दो दर्जन गांवों में बिजली गुल रही। सरकारी दफ्तरों में भी जलभराव हो गया। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि बारिश से सभी धान और गन्ने की फसल को फायदा पहुंचेगा। किसी को नुकसान तो नहीं है। लगातार बारिश होती रही तो थोड़ा बहुत खतरा बेलदार फसलों को हो सकता है।

Edited By: Prem Dutt Bhatt