मेरठ, जागरण संवाददाता। Meerut Weather Update मेरठ जनपद वासियों को कड़ाके की ठंड के साथ ही मूसलाधार बारिश का सामना भी करना पड़ रहा है। बारिश को ज्यादातर फसलों के लिए लाभकारी बताया जा रहा है। लगातार बारिश से 24 घंटे में 2014 में अधिकतम बारिश के रिकार्ड के समीप आंकड़ा पहुंच गया है। तब जनवरी माह में 43.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जबकि अब शुक्रवार रात से शनिवार शाम 5.30 बजे तक 43.4 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं रविवार की सुबह भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मेरठ के आसपास के जिलों में बारिश हो रही है।

इस कारण हो रही बारिश

शुक्रवार की रात दो बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो शनिवार दोपहर तक जारी रहा। हिमालय पर सक्रिय हुए प्रबल पश्चिम विक्षोभ के कारण एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में यह बारिश देखी जा रही है। कश्मीर घाटी की वादियां शनिवार को बर्फ से अटी रहीं। वहीं मैदानी भागों में जोरदार बारिश हुई। मेरठ में सुबह छह बजे से जोरदार बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक 26 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। मेरठ में जनवरी में आमतौर पर कुल 10 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार अब तक 50.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।

दिन और रात के पारे में 4.2 डिग्री का अंतर

माह का दूसरा शनिवार होने के कारण बारिश और ठंड के मौसम में ज्यादातर लोग घरों में रहे। बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ कम ही रही। दिन में सूर्य देव के दर्शन नामात्र ही हुए। न्यूनतम तापमान सामान्य से छह डिग्री अधिक 12.1 था, तो अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री कम 16.3 पर ही सिमट गया। प्रगतिशील किसान नंद किशोर ने बताया कि बारिश की बूंदे सीधे धरती पर पड़ रही थीं, अर्थात हवा का प्रभाव नहीं था। इससे गेंहू, गन्ने जैसी फसलों को काफी लाभ हुआ है। अगर तेज हवा चलती तो सरसों की फसल में नुकसान हो सकता था।

यह है पूर्वानुमान

कृषि प्रणाली संस्थान के प्रधान मौसम विज्ञानी डा. एन सुभाष ने बताया कि पश्चिम विक्षोभ अब पूर्व की ओर बढ़ गया है। हालांकि मेरठ में रविवार को भी बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम साफ रहेगा। रात में शीतलहर का प्रकोप फिर से देखा जा सकता है।

बिजनौर में रात भर बारिश, सुबह से आसमान में छाए बादल

बिजनौर के चांदपुर में शुक्रवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को जहां पूरे दिन बारिश हुई, वहीं आधी रात के बाद बिजली की गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बारिश हुई। जिससे जगह-जगह भारी जलभराव हो गया और सर्दी का सितम और अधिक बढ़ गया। उधर, रविवार को सुबह से ही तेज हवा चलने का सिलसिला जारी है। साथ ही आसमान में काले घने बादल छाए हुए हैं। जिससे बारिश होने की आशंका लगातार बनी हुई है। मौसम खराब होने के चलते लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। तेज हवा चलने से सर्दी बहुत ज्यादा महसूस हो रही है।

Edited By: Prem Dutt Bhatt