'जेन अल्फा' की हुंकार, लेकिन जिम्मेदार लाचार: मेरठ में जान हथेली पर रखकर तालाब बने अंडरपास से गुजरने को हैं मजबूर
Meerut News: मेरठ में विद्यार्थियों ने अंडरपास में जलभराव की समस्या को लेकर जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी, लेकिन अस्थायी ...और पढ़ें
HighLights
अंडरपास से जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
स्वतंत्रता दिवस पर विद्यार्थियों ने की थी जल भराव से निजात की मांग।
हल्की बारिश में फिर अंडरपास जलमग्न, छात्रों और अन्य लोगों को परेशानी।
संवाद सूत्र, खरखौदा (मेरठ)। स्वतंत्रता दिवस पर पांची गांव के 'जेन अल्फा' विद्यार्थियों ने आगे आकर सरकारी तंत्र की लापरवाही पर सवाल खड़े करते हुए अंडरपास में हुए जल भराव से निजात की मांग को लेकर जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी। विभाग ने उस समय समस्या का समाधान करते हुए अंडरपास से जल निकासी की थी, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
रविवार को हुई हल्की सी बरसात ने अंडरपास को जलमग्न कर दिया। विद्यार्थियों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी जलभराव से होकर जाना पड़ा। बड़ा सवाल खड़ा होता है कि तमाम जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की जानकारी होने के बाद भी इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। सोमवार को विद्यार्थियों ने इस पर रोष व्यक्त किया।
रेलवे ने मेरठ खुर्जा ट्रैक पर कई गांव में फाटक बंद करके अंडरपास का निर्माण कराया था। जिसमे नूर नगर, चांदसारा, धनोटा, खरखौदा, सेतकुआं और दादरी शामिल हैं। हल्की सी बरसात होते ही अंडर पास में जलभराव हो जाता है। अंडरपास तालाब में तब्दील होने से खतरा हो जाता है। इन गांवों के लोगों का संपर्क टूट जाता है।
इन गांवों के लोग आने-जाने के लिए अन्य गांव से होकर लंबी दूरी तय करते हैं। काफी लोग तो अपनी जान हथेली पर रखकर ट्रैक पर होकर गुजरते हैं। गत दिनों की बात करें तो चांदसारा गांव में एक स्कूली बस के अंडरपास में डूब जाने से एक विद्यार्थी की जान जा चुकी है।
समय-समय पर क्षेत्र के लोगों ने अंडरपास की समस्या से निजात दिलाने के लिए आल्हा अधिकारियों से लेकर जन्म प्रतिनिधियों तक गुहार लगाई थी। लेकिन आज तक क्षेत्र की जनता को आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
स्वतंत्रता दिवस पर पांची गांव में विद्यार्थियों ने आगे आकर हाथों में तिरंगा लेकर जिलाधिकारी से समस्या के निजात की मांग की थी। बच्चों का अंडरपास में हुए जल भराव से जाते हुए और जिलाधिकारी से मांग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक दावे हवाई साबित हुए और समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं हुआ है।
रविवार को हुई हल्की सी बरसात में प्रशासनिक अधिकारियों के दावे की पोल खोल कर रख दी। विद्यार्थियों को फिर अंडरपास के जल भराव से होकर गुजरना पड़ा। विद्यार्थियों का कहना है कि अंडरपास में जल भरा होने के बाद उसमें सांप भी दिखाई देने लगे हैं। काफी विद्यार्थी जल भराव से पैदल होकर निकलते हैं।
ग्रामीण तरुण त्यागी का कहना है कि विद्यार्थियों को विद्यालय जाने के लिए या तो अंडरपास के गहरे पानी से होकर जाना पड़ता है या वे अपनी जान हथेली पर लेकर ट्रैक के ऊपर से गुजरते हैं।
जिलाधिकारी से मांग करने वाले विद्यार्थी 'जेन अल्फा' पीढ़ी के है। सोमवार को भी विद्यार्थियों को जलभराव से होकर गुजरना पड़ा और वे जिम्मेदारों के मौन पर सवाल उठाते रहे।
