व्यापारियों को लीज पर मिलेंगी दुकानें, ईडब्ल्यूएस आवंटियों का होगा पुनर्वास
मेरठ में ध्वस्त दुकानों से प्रभावित व्यापारियों को लीज पर दुकानें मिलेंगी, जबकि ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवंटियों के लिए पुनर्वास ...और पढ़ें

सेंट्रल मार्केट प्रकरण पर सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते (दाएं से) महापौर हरिकांत अहलूवालिया, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. सोमेंद्र तोमर, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, सांसद अरुण गोविल, विधायक अमित अग्रवाल व मीडिया प्रभारी अमित शर्मा। जागरण
HighLights
ध्वस्त दुकानों से प्रभावित व्यापारियों को लीज पर मिलेंगी दुकानें।
ईडब्ल्यूएस व एलआईजी आवंटियों के लिए पुनर्वास नीति आएगी।
प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में नई सर्वे रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेगी।
जागरण संवाददाता, मेरठ।सेंट्रल मार्केट समेत शास्त्रीनगर के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में ध्वस्त की गई दुकानों से प्रभावित व्यापारियों के कारोबार को बचाने के लिए उन्हें दुकाने बनाकर लीज पर देने और सेटबैक से प्रभावित ईडब्ल्यूएस और एलआइजी आवासों के आवंटियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश के अनुपालन में पुनर्वास नीति लाने का दावा बुधवार को राजनैतिक पेंशन व सैनिक कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. सोमेंद्र तोमर, सांसद अरुण गोविल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया और महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह संकट सपा सरकार के कार्यकाल की ही देन है।सपा सरकार ने ही व्यापारियों को बर्बाद करने की यह साजिश रची। दावा किया कि शहर की जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार पूरे शहर का पुन: सर्वे कराकर नई रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करेगी।
सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट के नए आदेश तथा पूर्व के आदेश के मुताबिक शास्त्रीनगर में किए गए ध्वस्तीकरण से पूरे शहर की जनता डरी सहमी है। शास्त्रीनगर के आवंटियों और व्यापारियों में सरकार को लेकर आक्रोश पनप रहा है। इसे शांत करने के लिए भाजपा जनप्रतिनिधियों ने बुधवार शाम को सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता की।जिसमें सांसद अरूण गोविल ने कहा कि सरकार शास्त्रीनगर के पीडि़तों के लिए गंभीर है।उन्हें राहत देने के लिए सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।
बुधवार से ही प्रदेश में लागू हुई विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक खंड निर्वाचन की चुनाव आचार संहिता के कारण इसकी घोषणा नहीं की जा सकती है। राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जिन व्यापारियों की दुकानें ध्वस्त हुई हैं उन्हें सरकार सरकारी जमीनों पर कांप्लेक्स में दुकानें बनाकर लीज पर प्रदान करेगी।उनसे केवल किराया लिया जाएगा। इनमें दुकानों के मालिक और किरायेदार समेत लगभग 650 व्यापारी चिह्नित किए गए हैं। जिसकी जितनी बड़ी दुकान थी उसी के बराबर दुकान उपलब्ध कराने का प्रयास है।इसके लिए आवास विकास क्षेत्र के तीन तथा नगर निगम के तीन भूखंड का चयन किया गया है।इनमें लगभग 640 दुकानें बन जाएंगी।
उन्होंने दावा किया कि अगले छह महीने में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जैसे जैसे भवन निर्माण पूरा होगा आवंटन भी कर दिया जाएगा। विधायक अमित अग्रवाल ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बेंच ने ध्वस्तीकरण से प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास नीति बनाने का आदेश प्रदेश सरकार को दिया है। उसी के तहत सरकार ईडब्ल्यूएस तथा एलआइजी मकानों के प्रभावित आवंटियों के लिए पुनर्वास नीति ला रही है।
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि नगर निगम की जमीन भी व्यापारियों की दुकानों के लिए प्रदान की जा रही है। जननिधियों ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने शहर के जोन ए में 17 हजार से ज्यादा व्यवसायिक भवनों को सील करने का आदेश दिया है। इससे शहर के लोग सहमे हुए हैं।
सरकार पूरे शहर का पुन: कराकर नए सिरे से अवैध निर्माण की सूची तैयार करा रही है। जिसमें ऐसे भवन शामिल नहीं होंगे जो प्राधिकरण के गठन से पहले बने हैं अथवा आवासीय उपयोग में परिवर्तित किए जा चुके हैं। नई सर्वे रिपोर्ट को ही सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने वाले प्राधिकरण अफसरों तथा आवास विकास के आरोपित अधिकारियों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। इस दौरान भाजपा मीडिया प्रभारी अमित शर्मा, आलोक सिसौदिया भी मौजूद रहे।
दुकानों के लिए यहां चिह्नित की जमीन
चिह्नित भूखंड ----------दुकान संख्या
रंगोली मंडप के पास सामुदायिक भवन की जमीन----116
जागृति विहार सेक्टर सात----- 108
हापुड़ रोड-----------80
नई सड़क पर नगर निगम ने नए कार्यालय परिसर में -------- 72
महापौर शिविर कार्यालय सूरजकुंड रोड--- 224
सूरजकूंड रोड पर भूखंड------- 40
कुल ----------640
