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    मकानों पर चस्पा हुए पलायन के पोस्टर, गलियों में गूंजे जय श्रीराम के नारे... यूं गहरा रहा विवाद 

    By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 04:06 PM (IST)

    मेरठ के थापरनगर में एक मुस्लिम परिवार द्वारा मकान खरीदने पर विवाद हो गया। स्थानीय लोगों ने पलायन के पोस्टर लगाकर और नारे लगाकर विरोध जताया। पुलिस ने परिवार को सुरक्षित घर पहुंचाया और मामले को सुलझाने के लिए सभी पक्षों को थाने बुलाया है। निवासियों का कहना है कि वे मुस्लिम परिवार को वहां नहीं रहने देंगे, जिससे तनाव बढ़ गया है।

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    सदर थाना क्षेत्र की थापर नगर गली नंबर सात में पटेल नगर पुलिस चौकी के पास मुस्लिम को मकान बेचने के विरोध में गली में हाथों में पलायन के पोस्टर लेकर हंगामा करते लोग। जागरण

    जागरण संवाददाता, मेरठ। थापरनगर में मुस्लिम परिवार के मकान खरीदने को लेकर हंगामा हो गया। आसपास के लोगों ने घरों पर पलायन के पोस्टर लगाकर जय श्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए। हंगामा की जानकारी मिलते ही सदर बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची मुस्लिम परिवार को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया। साथ ही मकान पर ताला लगाया दिया। पुलिस ने सभी पक्षों को शनिवार सुबह 11 बजे थाने बुलाया है।

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    थापरनगर की गली नंबर सात में काफी सालों से नरेश कालरा परिवार के संग रहते थे। यह परिवार मोमबत्ती वालों के नाम से शहर में मशहूर है। उनकी अमूल दूध की एजेंसी भी थी। नरेश कालरा परिवार संग गुरुग्राम में शिफ्ट हो रहे थे, इसलिए यहां मकान बेचने का निर्णय लिया। काफी लोगों से इसको लेकर बात हुई, लेकिन सौदा नहीं हुआ। थापरनगर के लोगों ने मकान की कीमत एक करोड़ रुपये लगाई, जबकि जली कोठी पर रहने वाले शाहिद दूध वाले ने एक करोड़ नौ लाख रुपये लगाए थे।

    चार दिन पहले मकान का बैनामा शाहिद के नाम कराने के बाद नरेश का परिवार गुरुग्राम चला गया। तीन दिन शाहिद का परिवार मकान में शिफ्ट हो गया। मकान गुरुद्वारे से कुछ दूरी पर है। मुस्लिम परिवार के शिफ्ट होते ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। शुक्रवार को व्यापारी नेता जीतू नागपाल, दीपक शर्मा और नवीन अरोडा समेत काफी लोग थापरनगर पहुंचे। इसी बीच गली नंबर सात में कई लोगों ने अपने मकानों पर पलायन के पोस्टर लगा दिए। इधर काफी संख्या में लोग शाहिद के मकान के सामने जाकर जय श्रीराम के नारे लगाने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और शाहिद के परिवार को सुरक्षित निकाला। इंस्पेक्टर विजय कुमार राय ने बताया कि मकान खरीदने और बेचने वाले के अलावा थापरनगर के लोगों को सुबह थाने बुलाया है, ताकि सभी को आमने-सामने बैठाकर विवाद को सुलझा जाए।

    मुस्लिम परिवार को नहीं रहने देंगे
    थापरनगर के रहने वाले राकेश जुनेजा और बड़े गुरुद्वारे के पदाधिकारियों ने कहा कि हिंदुओं के बीच में मुस्लिम परिवार को नहीं रहने दिया जाएगा। उनकी वजह से माहौल खराब हो रहा है। उन्हें यहां मकान नहीं लेना चाहिए था। यदि दोबारा से कालोनी में मुस्लिम परिवार ने प्रवेश किया तो विवाद होगा। कालोनी के लोग यहां से पलायन करने को मजबूर होंगे।

    10 साल पहले भी मुस्लिम परिवार को यहां नहीं रहने दिया था
    थापरनगर की गली नंबर सात में ही 10 साल पहले भी एक मुस्लिम परिवार ने मकान खरीदा था। तब भी लोगों ने उन्हें मकान में प्रवेश नहीं करने दिया गया था। कालोनी में कानून व्यवस्था प्रभावित होने का वास्ता देकर पुलिस ने संपत्ति पर किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। तब से उक्त मकान खंडहर में बदल चुका है।

    कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी
    थापरनगर में मकान की खरीदारी को लेकर चल रहे विवाद में कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। शनिवार को सभी पक्षों से बातचीत के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नवीना शुक्ला, सीओ कैंट।