जब SSP अविनाश पांडेय का हुआ माथा गर्म, बोले- अभी थाना छोडिए़, जाइए घर जाकर आराम करो
एसएसपी अविनाश पांडेय ने खरखौदा इंस्पेक्टर राजपाल सिंह को एक गुमशुदा महिला के मामले में लापरवाही बरतने पर तत्काल निलंबित ...और पढ़ें

(Photo Source - AI Generated)
HighLights
एसएसपी ने खरखौदा इंस्पेक्टर राजपाल सिंह को निलंबित किया।
गुमशुदा महिला की जानकारी न होने पर एसएसपी नाराज हुए।
सदर, भावनपुर इंस्पेक्टरों को भी लापरवाही पर चेतावनी मिली।
जागरण संवाददाता, मेरठ। थानों में चल रही मनमानी व उदासीनता पर एसएसपी अविनाश पांडेय ने गंभीर रूप अपनाया। घटनाओं के राजफाश, विवेचनाओं में मनमानी व उदासीनता की शिकायत पर बुधवार को एसएसपी बेहद नाराज हो गए। एसएसपी ने इंस्पेक्टर खरखौदा राजपाल सिंह से जब 25 दिन पहले गुमशुदा महिला की बरामदगी की जानकारी मांगी तो उन्होंने इस मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही।
इससे गुस्साएं एसएसपी ने वीडियो कांफ्रेसिंग में ही इंस्पेक्टर को कहा, आप तत्काल थाना छोड़ दीजिए, जाइए घर जाकर आराम करिए। इसके बाद उन्होंने इंस्पेक्टर को निलंबित करने का आदेश दिया। इसी दौरान सुनवाई के उन्होंने लापरवाही पर इंस्पेक्टर सदर बाजार अखिलेश मिश्रा व एसओ भावनपुर जोगेन्द्र कुमार को चेतावनी दी वह सुधर जाए, वरना कार्रवाई को तैयार रहे।
सुबह एसएसपी अविनाश पांडेय कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान भोजपुर थानाक्षेत्र के ग्राम चुडियाला के ग्रामीण एसएसपी से मिले। उन्हें बताया कि 2 मई को उनकी बेटी सोनम उर्फ बेबी घर से एनसीआर मेडिकल कालेज में नौकरी करने गई थी। उसके बाद से वह गायब है।
उन्होंने थाना खरखौदा में शिकायत की। उनकी गुमशुदगी 8 मई को दर्ज की गई। अब तक पुलिस उसे तलाश नहीं कर पाई। न ही कोई जवाब उन्हें थाने से मिल रहा है। इस पर एसएसपी ने आनलाइन सुनवाई पोर्टल से इंस्पेक्टर खरखौदा को काल की। दो बार काल करने पर भी उन्होंने उत्तर नहीं दिया।
एसएसपी ने तीसरी बार नाम लेकर इंस्पेक्टर खरखौदा को काल की तो उनका उत्तर आया। एसएसपी ने तीसरी बार में बात करने का कारण जानना चाहा तो इंस्पेक्टर ने बताया कि कुछ लोग बैठे थे, इस कारण ऐसा हुआ। नाराजगी जताते हुए एसएसपी ने कहा, क्या उनसे ज्यादा वह महत्वपूर्ण थे।
एसएसपी ने इसके बाद इंस्पेक्टर राजपाल से सोनम की गुमशुदगी के बारे में जानकारी की। इस पर इंस्पेक्टर ने बताया कि उनके यहां कोई गुमशुदगी दर्ज नहीं है। इस पर एसएसपी बेहद नाराज हो गए। उन्होंने कहा, अभी थाना छोड़िए, जाइए घर जाकर आराम करो। उन्होंने तत्काल इंस्पेक्टर खरखौदा को निलंबित करने का आदेश दिया।
इसके बाद एसएसपी ने कोतवाली पंकज कुमार सिंह, सदर बाजार इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्रा व भावनपुर थाना प्रभारी जोगेन्द्र सिंह से आई विभिन्न शिकायत के बारे में पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली। इंस्पेक्टर सदर व एसओ भावनपुर संतोष जनक जवाब नहीं दे पाए। इसमें उनकी उदासीनता मानते हुए एसएसपी ने दोनों को सुधरने की चेतावनी दी। एसएसपी के इस रुख से जिले के थाना प्रभारी व अधिकारी सहमे दिखाई दिए।
एसएसआइ को चार्ज देकर चले गए इंस्पेक्टर खरखौदा
एसएसपी के निलंबन आदेश की जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने दोपहर में ही थाना छोड़ दिया। थाने की जिम्मेदारी एसएसआइ रामगोपाल को सौंप दी। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले खरखौदा निवासी एक किशोरी का अपहरण कर लिया गया था। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।
पुलिस ने इस मामले में भी पूरी लापरवाही व उदासीनता बरती। बाद में स्वाट टीम ने किशोरी को पानीपत से बरामद किया। यहां उसे बंधक बनाकर रखा गया था। उसके साथ इस दौरान लगातार सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
स्वजन ने उस दौरान भी एसएसपी से इंस्पेक्टर खरखौदा की उदासीनता की शिकायत की थी। इस मामले से भी एसएसपी इंस्पेक्टर से खफा थे। फिर एक युवती की गुमशुदगी व उसमें लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर को निलंबित करने का आदेश दिया। एसएसपी की कार्रवाई से थाना खरखौदा पर पुलिसकर्मी सहमे रहे।
