मेरठ, जेएनएन। गैरहाजिर होने के बाद भी पुलिसकर्मी मिलीभगत से पूरा वेतन पा रहे हैं। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने फाइलों की जांच करने के बाद इस तरह की आशंका जाहिर की है। एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि गैरहाजिर होने पर वेतन दिया तो संबंधित पुलिसकर्मी और लिपिक पर सीधे एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। पुलिसकर्मी का वेतन बनाने के लिए हर माह की 20 तारीख को उपस्थिति का मिलान होता है। कई पुलिसकर्मी हर माह गैरहाजिर रहते हैं, लेकिन मिलीभगत से उपस्थिति दर्शा दी जाती है। एसएसपी की जांच में कई फाइलों में गड़बड़झाला मिला है। कप्तान ने निर्देश दिए हैं कि गैरहाजिर होने पर पुलिसकर्मियों का वेतन रोक दिया जाए। दरअसल, गैरहाजिर होने वाले पुलिसकíमयों की जांच पूरी नहीं होने तक उनको वेतन नहीं दिया जाता है। ऐसे में पुलिसकर्मी लिपिक से मिलीभगत कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा लेते हैं।

थानों में फिर बनेगा शिकायती रजिस्टर, पीली पर्ची भी मिलेगी

एक दिन पहले ही जहां एसएसपी ने फरियादियों को पीली पर्ची देने की व्यवस्था शुरू की थी, वहीं अब थानों में भी ऐसी ही पर्ची शिकायतकर्ताओं को मिलेगी। इसके साथ ही एक शिकायती रजिस्टर भी तैयार होगा, जिसमें व्यक्ति का पूरा विवरण दर्ज होगा। एक सप्ताह में शिकायत का निस्तारण करना होगा। थानों में फरियादियों की सुनवाई नहीं होने की शिकायतें पुरानी हैं। इसके चलते ही कप्तान कार्यालय पर शिकायतों का अंबार लग रहा है। एसएसपी ने पीली पर्ची देने की व्यवस्था शुरू की थी। अब थानों में भी लोगों की शिकायतों का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा। हालांकि पहले भी एक रजिस्टर रखा जाता था। अब फिर से उसकी धूल साफ की जा रही है। रजिस्टर की देखरेख की जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होगी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि यह व्यवस्था पहले से थी।

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएं थाना प्रभारी: एसएसपी

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बुधवार देर रात सभी सीओ और थाना प्रभारियों के साथ परिचय बैठक की। इस दौरान कप्तान ने सभी से दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को अधीनस्थों पर कमान रखकर ठेकेदार प्रथा को खत्म करने के आदेश दिए। एसएसपी का कहना है कि जल्द ही क्राइम मीटिंग भी ली जाएगी। उसके बाद ही अपराध के बारे में विस्तार से चर्चा की जाएगी। पुलिस लाइन में एक घंटे तक परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया। सभी थाना प्रभारी और सर्किल के सीओ का कप्तान से परिचय हुआ। सभी ने एक-एक कर अपना और थाने का नाम बताया। साथ ही थाने में तैनाती का समय भी बताया गया। कुछ थाना प्रभारी तो दो साल से भी अधिक समय से एक ही थाने में तैनात मिले है। हालांकि एसएसपी ने अभी थाना प्रभारियों को बदलने के बारे में कोई संकेत नहीं दिए है। सभी को अपना उद्देश्य स्पष्ट भी कर दिया कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया। थानों में ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए है। 

Edited By: Himanshu Dwivedi