Asian Games : एशियाई खेलों में मेरठ के खेल उपकरणों की धूम, मैदान में उतरेंगे शहर के सात खिलाड़ी
मेरठ के खेल उपकरण और सात खिलाड़ी एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिससे शहर के खेल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।

वीनेक्स कंपनी के भाले का इस्तेमाल करते कजाकिस्तान के एथलीट शादियार कुलाताय व नेल्को के डिस्कस थ्रो उपकरण का इस्तेमाल करतीं आस्ट्रेलियाई एथलीट एश्लिन ब्लैकस्टाक।
HighLights
मेरठ के खेल उपकरण एशियाई खेलों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर धूम मचा रहे हैं।
विनेक्स, नेल्को, आनंद ट्रैक के डिस्कस, हैमर, शाटपुट उपयोग हो रहे हैं।
मेरठ के सात खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
जागरण संवाददाता, मेरठ। एशियाई खेलों के मैदान में इस बार मेरठ की पहचान सिर्फ अपने खिलाड़ियों से नहीं, बल्कि खेल उपकरणों से भी होगी। जापान में शुरू हुए एशियाई खेलों में मेरठ की कंपनियों के बनाए खेल उपकरण खिलाड़ियों के प्रदर्शन का हिस्सा बन रहे हैं। विनेक्स, नेल्को और आनंद ट्रैक एंड इक्विपमेंट्स के डिस्कस, हैमर थ्रो और शाटपुट सहित अन्य उपकरण प्रतियोगिताओं में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर मेरठ के खेल उद्योग की मौजूदगी और मजबूत हुई है।
एशियाई खेलों में मेरठ के सात खिलाड़ी भी देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज में उतरेंगी। प्रियंका गोस्वामी मैराथन रेस वाक में भारत की चुनौती पेश करेंगी। नीरू पाठक चार गुणे 400 मीटर रिले में हिस्सा लेंगी, जबकि जय कुमार चार गुणे 400 मीटर रिले और चार गुणे 400 मीटर मिश्रित रिले में भाग लेंगे। वुशू के 75 किलोग्राम भारवर्ग में विक्रांत बालियान भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं ट्रैप शूटिंग में अहवर रिजवी और शपथ भारद्वाज निशाना साधेंगे।
डिस्कस से लेकर हैमर तक मेरठ की छाप
मेरठ की विनेक्स कंपनी के कई थ्रोइंग उपकरण एशियाई खेलों में उपयोग किए जा रहे हैं। इनमें विनेक्स कार्बन प्रो एक और दो किलोग्राम और हाइपर स्पिन एक और दो किलोग्राम के डिस्कस शामिल हैं। हैमर थ्रो के लिए विनेक्स सुपर-200 7.26 किलोग्राम और सुपर-200एफ चार किलोग्राम उपकरण उपलब्ध हैं।
शाटपुट में विनेक्स एलाय 7.26 किलोग्राम का इस्तेमाल किया जा रहा है। जैवलिन में भी विनेक्स के कई माडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की जरूरत पूरी कर रहे हैं। इनमें सुपर चार किलोग्राम और प्रतियोगिता सीरीज के 80 मीटर, 90 मीटर और 70 मीटर के 800 ग्राम और 600 ग्राम के जैवलिन शामिल हैं।
नेल्को के डिस्कस, शाटपुट और हैमर थ्रो उपकरण भी एशियाई खेलों में उपयोग किए जा रहे हैं। कंपनी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी डेनियल स्टाहल, याकूब रोजियाक और एश्लिन ब्लैकस्टाक भी नेल्को के उपकरणों के साथ खेल रहे हैं। वहीं मेरठ की आनंद ट्रैक एंड इक्विपमेंट्स के शाटपुट और हैमर भी एशियाई खेलों की आयोजन व्यवस्था और खिलाड़ियों के उपयोग में शामिल हैं।
कामनवेल्थ में भी बना था मेरठ का दबदबा
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेरठ के खेल उपकरणों की मौजूदगी नई नहीं है। बर्मिंघम कामनवेल्थ गेम्स में भी मेरठ निर्मित थ्रोइंग उपकरणों का इस्तेमाल हुआ था। उस दौरान चयनित 42 थ्रोइंग उपकरणों में 14 मेरठ में बने थे, यानी करीब 33.33 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इनमें भल्ला इंटरनेशनल (विनेक्स) के 12, नेल्को का एक और आनंद ट्रैक एंड इक्विपमेंट्स का एक उपकरण शामिल था। कामनवेल्थ गेम्स में मेरठ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। प्रियंका गोस्वामी ने 10,000 मीटर पैदल चाल में रजत और अन्नू रानी ने भाला फेंक में कांस्य पदक जीता था।
खिलाड़ी और उपकरण, दोनों से बन रही पहचान
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के उपाध्यक्ष व भल्ला इंटरनेशनल के निदेशक आशुतोष भल्ला के अनुसार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में किसी कंपनी के उपकरणों का इस्तेमाल केवल बिक्री का मामला नहीं है। जब दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी किसी उपकरण पर अभ्यास और प्रतियोगिता करते हैं तो उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलता है।
यही कारण है कि मेरठ के खेल उद्योग के लिए एशियाई खेल जैसे आयोजन बड़े बाजार और ब्रांड पहचान का माध्यम भी बन रहे हैं। नेल्को इंडिया के सीईओ अंबर आनंद के अनुसार विभिन्न गेम्स में अच्छे परिणाम उत्पाद और कंपनी के साथ ही ब्रांड इंडिया पर भी भरोसा बढ़ाते हैं जिसका लाभ हर स्तर पर मिलता है। आनंद ट्रैक इक्विपमेंट्स के निदेशक हिमांशु आनंद के अनुसार हमारे उपकरणों की गुणवत्ता ही हमारी पकड़ मजबूत करने में मददगार हो रही है।
