मेरठ: कारोबारी के घर करोड़ों की चोरी के मामले में चार गिरफ्तार; पुराने नौकर, बहन व बहनोई की भूमिका आई सामने, माल बरामद
मेरठ की डिफेंस कॉलोनी में खेल कारोबारी आशुतोष भल्ला के घर हुई करोड़ों की चोरी में पुराने नौकर जितेंद्र सोम, ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
नौकर के बहनोई मनिंदर के घर से बरामद हुआ चोरी का माल।
बेगमपुल पर महिला मित्र को सौंपा था आभूषणों और नकदी से भरा बैग।
जागरण संवाददाता, मेरठ। डिफेंस कालोनी में खेल कारोबारी आशुतोष भल्ला की कोठी से करोड़ों रुपये के आभूषण और डेढ़ लाख रुपये की नकदी चोरी करने के मामले में घर का पुराना नौकर जितेंद्र सोम, उसकी बहन मीनू और बहनोई मनिंदर की भूमिका सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, जितेंद्र ने अपनी बहन, बहनोई और नौकरानी रोशनी अरोन के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जितेंद्र के बहनोई के घर से चोरी का माल भी बरामद हो गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम और आरोपितों के बीच चोरी के माल के बंटवारे से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
डिफेंस कालोनी स्थित ए-12 नंबर की कोठी में खेल कारोबारी आशुतोष भल्ला की 70 वर्षीय मां रेखा भल्ला रहती हैं। उनकी देखभाल के लिए जलपाईगुड़ी निवासी रोशनी अरोन को रखा गया था। वहीं, जितेंद्र सोम निवासी कपसाढ़ करीब तीन साल से कोठी में काम कर रहा था। घर के सदस्यों और दिनचर्या की जानकारी होने के कारण उसे कोठी के बारे में पूरी जानकारी थी।
चाय में नींद की गोलियां मिलाकर उड़ाए आभूषण
पुलिस के अनुसार, सोमवार को जितेंद्र ने रेखा भल्ला की चाय में नींद की आठ गोलियां मिला दीं। उनके बेहोश होने के बाद तिजोरी से डेढ़ लाख रुपये की नकदी और सोने के आभूषणों के आठ डिब्बे चोरी कर लिए गए। इसके बाद रोशनी बैग लेकर कोठी से निकल गई। चोरी किए गए आभूषणों की कीमत करोड़ों रुपये बताई गई है।
बेगमपुल पर महिला मित्र को सौंपा बैग
जांच में सामने आया कि रोशनी ने आभूषणों और नकदी से भरा बैग बेगमपुल पर जितेंद्र की महिला मित्र को सौंप दिया था। योजना के मुताबिक, मामला शांत होने के बाद चोरी के माल का बंटवारा किया जाना था। पुलिस ने रोशनी को कानपुर से और उसके प्रेमी नीरज यादव को फैजाबाद से पकड़ा था। पूछताछ के दौरान रोशनी से मिली जानकारी के आधार पर जितेंद्र की भूमिका सामने आई।
बहनोई के घर से बरामद हुआ चोरी का माल
पुलिस ने जितेंद्र सोम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में उसकी बहन मीनू और बहनोई मनिंदर की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद जितेंद्र के बहनोई के घर से चोरी का माल बरामद कर लिया गया। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर वारदात में सभी की भूमिका और चोरी के माल के बंटवारे के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
प्रेमी को हथियार बनाकर कानपुर में रोशनी आरोन तक पहुंची थी पुलिस
खेल कारोबारी आशुतोष भल्ला ने दिसंबर में रोशनी को अपनी मां रेखा भल्ला की देखभाल के लिए नौकरी पर रखा था। सोमवार को रोशनी घर की तिजोरी से करोड़ों के आभूषण और डेढ़ लाख की नकदी वाला बैग लेकर निकल गई। बेगमपुल पर उसने बैग एक अन्य महिला को सौंपा और बस से दिल्ली चली गई। वहां से आगरा की बस में बैठी और रात दो बजे आगरा पहुंची।
रोशनी ने ई-रिक्शा चालक के सामने बेबसी जताकर उसके मोबाइल से फिरोजाबाद में रहने वाले अपने प्रेमी नीरज यादव को काल की। नीरज नींद में होने के कारण काल नहीं उठा पाया। बाद में उसने उसी नंबर पर पलटकर काल किया तो ई-रिक्शा चालक ने बताया कि किसी महिला ने फोन किया था। नीरज को घटना की जानकारी पहले से थी।
उसने रोशनी के नंबर पर काल किया, लेकिन फोन बंद था। रोशनी की काल डिटेल के आधार पर पुलिस फिरोजाबाद में नीरज तक पहुंची। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर उसके मोबाइल से रोशनी को लगातार काल किया।
कानपुर पहुंचने पर रोशनी ने मोबाइल चालू किया और नीरज की काल उठाई। नीरज ने उसे रुकने को कहा और बताया कि वह भी उसके साथ चलेगा। उसकी बातों में आकर रोशनी रुक गई, जिसके बाद पुलिस उसे कानपुर से पकड़ने में कामयाब रही।
