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ग्राहकों से गुलजार मेरठ के सदर बाजार में सिस्टम लाचार! ट्रैफिक जाम और लटकते बिजली के तार कर रहे परेशान

By Dileep Patel Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 13 Oct 2026 02:41 PM (IST)

Meerut News: मेरठ के प्रमुख सदर बाजार में त्योहारों के दौरान भारी भीड़ और ई-रिक्शा के कारण ट्रैफिक जाम की ...और पढ़ें

सदर बाजार की मुख्य सड़क पर आधे रास्ते में खड़े वाहन, आधे से गुजरते बाइक सवार और राहगीर। जागरण।

सदर बाजार की मुख्य सड़क पर आधे रास्ते में खड़े वाहन, आधे से गुजरते बाइक सवार और राहगीर। जागरण।

HighLights

  1. सदर बाजार में पार्किंग की मांग को लेकर कैंट बोर्ड गंभीर नहीं।

  2. बाजार में महिला शौचालय तक नहीं, नहीं बना पिंक शौचालय।

जागरण संवाददाता, मेरठ। कैंट क्षेत्र स्थित सदर बाजार और सदर सराफा प्रमुख बाजारों में शामिल हैं। यहां सुबह दुकानें खुलने से लेकर रात को बाजार बंद होने तक ग्राहकों की भीड़ रहती है। सामान्य दिनों में तो लोग जैसे-तैसे वाहन से भी बाजार तक पहुंच जाते हैं, लेकिन त्योहारों के दौरान तो पैदल चलना तक दूभर हो जाता है।

इसी भीड़भाड़ के बीच जब बाजार में ई-रिक्शों का प्रवेश होता है तो ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाती है। इसके बावजूद पार्किंग की मांग को लेकर कैंट बोर्ड गंभीर नहीं है। शौचालय तक का इंतजाम नहीं है। किसी व्यक्ति को शौचालय की जरूरत पड़ जाए तो बाजार में यह बुनियादी सुविधा भी नहीं मिलेगी। खासकर महिलाओं को इसके चलते काफी असुविधा होती है।

बाजार में खास

शिव चौक से शुरू होकर सदर थाने तक सदर बाजार फैला है। एक हिस्से में सराफा बाजार है दूसरे हिस्से में रेडीमेड कपड़े, इलेक्ट्रानिक सामान, मोबाइल, बर्तन, लगेज सामग्री, साड़ी-सूट समेत अन्य सामान मिलता है। मिष्ठान व खानपान की प्रतिष्ठित दुकानें भी हैं।

समस्याएं, जिनका त्वरित निस्तारण जरूरी

  • सदर बाजार में सड़क अतिक्रमण से मुक्त होनी चाहिए। ठेले वालों और सड़क पर रखे जाने वाले सामान को दुकानों की जद में व्यवस्थित करने की जरूरत है।
  • सदर बाजार में त्योहार पर सामान लाने-ले जाने वाले ई रिक्शों का समय निर्धारित होना चाहिए। ई-रिक्शों से ही जाम की स्थिति बनती है। रात में दुकान बंद होने के बाद सफाई होनी चाहिए।
  • बिजली पोलों पर लटकते केबल व तार कसे जाने चाहिए। बेवजह लगे केबल-तार हटाए जाने चाहिए। शार्ट सर्किट होने से आग लगने का खतरा है।
  • बंद व खराब स्ट्रीट लाइट ठीक की जाएं। सदर सब्जी मंडी की ओर से बेसहारा पशुओं को पकड़ा जाए।

दीर्घकालिक समस्याएं

  • सदर बाजार, सदर सराफा में पार्किंग की समस्या है। व्यापारी कैंट बोर्ड से आबूनाले किनारे एक मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की मांग कर रहे हैं।
  • सदर बाजार में जलनिकासी बाधित है। नालियों का नये सिर से निर्माण हो। जहां सड़क चौड़ी है, वहां फुटपाथ बनना चाहिए।
  • बाजार क्षेत्र की बिजली लाइन भूमिगत हो, ताकि शार्ट सर्किट से बाजार में आग लगने का खतरा न रहे।
  • जिन गलियों में फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच सकतीं, वहां पानी भरने के प्वाइंट बनाने की जरूरत है।

एक साल में भी नहीं बना पिंक शौचालय

सदर बाजार में महिला शौचालय नहीं है। रंगसाज मुहल्ले का 50 साल पुराना शौचालय जर्जर अवस्था में है। इसे तोड़कर नये सिरे से बनाने की मांग पिछले साल व्यवस्थित बाजार अभियान के दौरान उठी थी। कैंट बोर्ड का दावा है कि यह पिंक शौचालय विधायक निधि से प्रस्तावित है। इस साल फिर से नवरात्र आ गया, लेकिन यह कार्य शुरू भी नहीं हुआ है।

कैंट विधायक अमित अग्रवाल का कहना है कि 21 लाख रुपये से पिंक शौचालय बनना है। त्योहारों के दौरान पुराना शौचालय तोड़ने से ग्राहकों और दुकानदारों को परेशानी होगी। वर्क आर्डर हो चुका है। पिंक शौचालय का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग दीपावली बाद शुरू करेगा।

न्यूमेरिक्स

  • 650 दुकानें हैं लगभग सदर बाजार, बांबे बाजार और सदर सराफा को मिलाकर।
  • 15 से 20 हजार ग्राहक प्रतिदिन सामान्य दिनों में आते हैं।
  • 40 से 50 हजार नवरात्र पर व त्योहारी सीजन में आते हैं।
  • 2.50 लाख के करीब ग्राहक दीपावली पर्व के तीन दिनों में आते हैं।
  • 500 कारों के लिए पार्किंग की जरूरत है।
  • 2.50 करोड़ है सामान्य दिनों में प्रतिदिन का व्यापार।
  • 4 से छह करोड़ रोजाना होता है त्योहारी सीजन में कारोबार।

इन्होंने कहा

बंगला संख्या 180 और 173 आबूलेन रोड में वाहन खड़े करने की सुविधा है, जो सदर बाजार से नजदीक है। वाहन खड़े करके लोग सदर बाजार जा सकते हैं। यातायात पुलिस को सुनिश्चित करना होगा कि वाहन पार्किंग में ही खड़े हों। मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाने के लिए बजट नहीं है। त्योहार पर अस्थायी पार्किंग के लिए प्लेटिनम माल के पीछे और आबूनाले किनारे तीन स्थान देखे गए हैं। तीन दिन बाद कैंट बोर्ड अध्यक्ष के साथ बैठक होगी, जिसमें इसका निर्णय होगा।
-जाकिर हुसैन, सीइओ कैंट बोर्ड।

सदर बाजार में प्रवेश द्वार पर दोनों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस भी तैनात है, ताकि ई-रिक्शा अंदर न जा सकें। सामान ढोने वाले ई-रिक्शों का समय व्यापार मंडल पदाधिकारियों से बात करके तय किया जाएगा। त्योहारों को लेकर जल्द कैंट बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
-राजेश श्रीवास्तव, एसपी यातायात।