48 ब्लैक स्पॉट्स पर हुईं सैकड़ों मौतों के बाद जागे जिम्मेदार, सड़क हादसों पर नकेल को रास्ता दिखाएंगे खास 'मिरर'
Meerut News: मेरठ में सड़क दुर्घटनाओं और ब्लैक स्पॉट्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात विभाग और एनएचएआई ने ...और पढ़ें

हाईवे और अन्य प्रमुख मार्गों के ब्लैक स्पॉट्स पर लेगेंगे ऐसे कन्वैक्स मिनर, मेरठ-देहरादून हाईवे पर खिर्वा रोड वाले अंडरपास के नीचे बना अंधा मोड़।
HighLights
मेरठ में सड़क दुर्घटनाएं और ब्लैक स्पॉट्स की संख्या बढ़ी।
एनएचएआई, यातायात विभाग ने सुरक्षा को कार्ययोजना बनाई।
अनुज शर्मा, मेरठ। सड़क सुरक्षा समिति और अधिकारियों के दावों व तैयारियों के बावजूद जिले में सड़क हादसे बढ़ रहे है। पिछले साल 452 सड़क दुर्घटनाओं में 172 लोगों ने जान गवाई। वर्ष 2026 में 30 सितंबर तक सड़क दुर्घटनाओं की दो गुना हो गई। 841 दुर्घटना में 310 लोगों की जान गई और 875 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
कई नए ब्लैक स्पॉट्स चिंहित किए गए। गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ब्लैक स्पॉट्स की संख्या 23 से बढ़ाकर 48 पहुंच गई। इससे चिंतित यातायात विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने मौत रोकने की कार्ययोजना तैयार की है।
12 ऐसे ब्लैक स्पॉट्स चिह्नित किए हैं, जो खतरनाक है और दृश्यता कम है। यहां कन्वैक्स मिरर ( उत्तल दर्पण, ऐसा दर्पण जिसके एक छोटा, आभासी और सीधा प्रतिबिंब बनता है ) लगाए जाएंगे। राजमार्गों, पुलों और सड़कों के किनारों पर क्रैश बैरियर ( धातु या स्टील बैरियर ), संकेतक, स्पीड दर्शित करते संकेतक, सड़क पर रेडियम पट्टी लगाएं जाएंगे। इनमें अधिकांश ब्लैक स्पाट राष्ट्रीय राजमार्गों पर हैं।
अंधे मोड़ पर भी रास्ता दिखाएगा कन्वैक्स मिरर
चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट्स में से कई स्थल हाईवे पर अंडरपास के नीचे वाले हैं अथवा अंडरपास से हाईवे पर प्रवेश करने वाले स्थल हैं। जहां अंधा मोड़ होने के कारण वाहन चालकों को दूसरी ओर से आते वाहन दिखाई नहीं देते हैं। गति तेज होने के कारण दुर्घटना हो जाती है। कुछ स्थान तीव्र मोड़ वाले हैं जबकि कई स्थानों पर दृश्यता कम होने की समस्या है।
ऐसे स्थानों पर दोनों ओर से आने वाले वाहनों को रास्ता दिखाने का कार्य कन्वैक्स मिरर करता है। सामने से वाहन आता देखकर चालक गति धीमा कर दुर्घटना से बच सकेगा। क्रैश बैरियर वाहनों ने गड़्ढों में गिरने से बचाएगा। संकेतक वाहन चालकों को सतर्क करेगा।
सड़क सुरक्षा समिति का आदेश तुरंत लगाएं कन्वैक्स मिरर
हाल ही में मंडलीय और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें हुईं। दोनों ही बैठकों में यह मुद्दा चर्चा का प्रमुख कारण रहा। यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि एनएचएआइ, सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग ( पीडब्ल्यूडी ) और अन्य विभाग इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। जिस पर मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और जिलाधिकारी डा. वी के सिंह ने सभी विभागों के अधिकारियों को जल्द से जल्द कन्वैक्स मिरर लगाने का सख्त निर्देश दिया।
इन ब्लैक स्पाट पर लगेंगे कन्वैक्स मिरर
- मेरठ-देहरादून हाईवे पर सुभारती विश्वविद्यालय के सामने कट
- मेरठ-देहरादून हाईवे पर अंडरपास के नीचे खिरवा मोड़।
- मेरठ-देहरादून हाईवे पर अंडरपास के नीचे करनाल मोड़
- मेरठ-देहरादून हाईवे पर अंडरपास के नीचे बागपत मोड़
- मेरठ-देहरादून हाईवे पर अंडरपास के नीचे बड़ौत मोड़
- मेरठ-देहरादून हाईवे पर घुमावदार मोड़।
- मेरठ-देहरादून हाईवे पर मोहिउद्दीनपुर मिल के सामने अंधा मोड़।
- मेरठ-देहरादून हाईवे पर दौराला और भराला गांव के मोड़ वाला चौराहा।
- मेरठ-करनाल हाईवे पर सरधना मोड (नानू तिराहा)
- दौराला अंडरपास के नीचे लावड़, सरधना और मटौर मोड़।
- मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर कैली अंडरपास।
- गढ़ रोड पर मेडिकल कालेज के सामने।
- शहर के भीतर दिल्ली रोड पर रिठानी में पीर वाला मोड।
नोट : ये सभी अंधे मोड तथा कम दृश्यता वाले स्थान हैं।
इन्होंने कहा...
जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या वर्ष- 2026 में अचानक बढ़ गई है। इन्हें रोकने के लिए 12 ब्लैक स्पॉट्स पर कन्वैक्स मिरर लगाकर दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जाएगा। एनएचएआइ, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम समेत सभी विभागों को इस संबंध में त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
आदित्य प्रजापति, एडीएम सिटी
कन्वैक्स मिरर व अन्य उपकरण अंधे मोड़ वाले स्थानों के लिए वरदान हैं लेकिन संबंधित विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। सभी को पत्र भेजकर त्वरित कार्य के लिए अपील की गई है।
राजेश श्रीवास्तव, एसपी यातायात
हमारी चिंता कन्वैक्स मिरर की चोरी और क्षति को लेकर है। जिला प्रशासन का आदेश है। लिहाजा जल्द ही चिह्नित स्थानों पर यह व्यवस्था करा दी जाएगी।
साकेत मिश्रा, परियोजना निदेशक एनएचएआइ
मार्ग वार ब्लैक स्पॉट्स की संख्या
- मार्ग का नाम--------ब्लैक स्पाॅट की संख्या
- मेरठ-देहरादून हाईवे-----12
- मेरठ-मवाना हाईवे (एनएच 34)---------06
- मेरठ-बुलंदशहर हाइवे (एनएच 235)------ 01
- मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे (एनई 03)-------01
- मेरठ-बागपत हाईवे (एनएच 332 बी)------04
- मेरठ-शामली करनाल हाईवे (एनएच 709 ए)----04
- प्रादेशिक मार्ग--------------02
- जिले के प्रमुख मार्ग-----------17
अत्यधिक दुर्घटना वाले स्थान
- ब्लैक स्पाट का नाम---------दुर्घटना संख्या
- सिवाया और दौराला कट ---- 230 दुर्घटना, 20 मौत
- मेरठ-करनाल हाईवे पर सरधना मोड़---40 दुर्घटना, 05 मौत
- परतापुर बाईपास चौराहा------- 60 दुर्घटना, 15 मौत
- मेरठ- बुलंदशहर हाईवे का कैली अंडरपास---- 90 दुर्घटना, 16 मौत, 100 से ज्यादा घायल
- बागपत रोड का ट्रांसपोर्ट नगर तिराहा---- 40 दुर्घटना, 12 मौत
बढ़ गई दुर्घटनाएं और मौत की संख्या
- वर्ष-------सड़क दुर्घटना की संख्या ----- मृतकों की संख्या
- 2024-----414----158
- 2025-----452----172
- 2026-----841----310
नोट : वर्ष 2026 के आंकड़े 30 सितंबर तक के हैं। घायलों की संख्या 875 है।
पांच वर्षों में जनपद में हादसे
- 4820 सड़क हादसे
- 2315 लोगों की मौत
- 1815 दुर्घटनाएं ब्लैक स्पाट पर हुई
- 1355 लोगों की हुई मौत
