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मेरठ में आंधी-बारिश का कहर, 95 स्थानों पर गिरे पोल; आधे से अधिक शहर की बिजली आपूर्ति प्रभावित

By Om Bajpai Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 12 Jun 2026 06:30 AM (IST)

Meerut News : मेरठ में तेज हवा और बारिश से 95 से अधिक बिजली के खंभे गिरे, जिससे आधे से ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कई स्थानों पर 12 घंटे तक नहीं आई बिजली।

  2. संविदा कर्मियों की हड़ताल से मरम्मत कार्य में देरी।

जागरण संवाददाता, मेरठ। जनपद की बिजली आपूर्ति व्यवस्था छुई मुई के समान हो रही है। हवा और बरसात का हल्का प्रभाव पड़ते ही व्यवस्था झटके लेने लगती है। बुधवार की रात तेज हवा और बरसात के प्रभाव से मेरठ जोन दो के शहर के बाहरी और ग्रामीण इलाकों में 95 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए। वहीं आधे से अधिक शहर की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।

कई इलाकों में 10 से 12 घंटे लगातार बिजली नहीं आई। सबसे बड़ी दिक्कत पानी की रही। संविदा कर्मियों के दोपहर तक हड़ताल पर रहने से तेज हवा और बरसात से बड़ी संख्या में हुए लोकल फाल्ट को ठीक करने कोई नहीं था। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुधवार की रात 36 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थी।

ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी बरसात देखने को मिली। जोन दो मुख्य अभियंता गुरजीत सिंह ने बताया कि पूरे क्षेत्र में 95 बिजली के खंभे गिरे हैं। चार उपकेंद्रों की सप्लाई बाधित हुई जिसमें खजूरी को छोड़ कर शेष उपकेंद्रों की 33 केवी की आपूर्ति गुरुवार को शाम तक सुचारु कर दी गई। बताया कि 30 स्थानों पर तारों पर पेड़ गिरने की घटनाएं हुई हैं। हस्तिनापुर और मवाना में सबसे ज्यादा नुकसान की रिपोर्ट है।

एल ब्लाक उपकेंद्र में हंगामा 

शास्त्रीनगर एल ब्लाक उपकेंद्र में केबल बक्सा फट जाने से शास्त्रीनगर फीडर की सप्लाई बुधवार की रात नौ बजे ठप गई थी। केबल बक्सा रिपेयर करने के बाद भी जब बिजली नहीं आई तो स्थानीय लोगों ने हंगामा किया। एच, जे और के ब्लाक में सप्लाई ठप रही। रात भर टीम कांबिंग कर फाल्ट खोजती रहीं। सुबह के समय फिर से अभियान चला तो नाले के पास भूमिगत केबल में फाल्ट मिला। इसे दुरुस्त करने के बाद सप्लायी बहाल हुई। आंधी बरसात के बाद बड़ी संख्या में लोकल फाल्ट हुए।

संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण फाल्ट ठीक नहीं हुए। रात में कई बिजली सुबह भी नहीं आई तो लोग आक्रोषित हो गए। निवासी अमित वर्मा ने बताया कि रात साढ़े 12 बजे उनके घर की बिजली चली गई थी। घर में एक बूंद पानी नहीं था। उपकेंद्र पर कोई फोन नहीं उठा रहा था। लोग एल-ब्लाक उपकेंद्र पहुंचे और पूरी सप्लाई ठप करा दी। मौके पर पुलिस पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को हटाया।

कर्मी हड़ताल पर हैं ऐसे में फोन उठाने से क्या होगा

शास्त्रीनगर डी ब्लाक में भी बुधवार को बरसात के दौरान फाल्ट हुआ। निवासी सतेंद्र शुक्ला ने बताया कि सुबह सात बजे अवर अभियंता को फोन किया तो फोन नहीं उठा। कोई यह बताने को तैयार नहीं था कि बिजली कब आएगी। दोपहर 12 बजे आपूर्ति सुचारु हुई। इसी तरह रामलीला उपकेंद्र से जुड़े लिसाड़ी में सुबह चार बजे गई बिजली शाम को चार बजे आई।

घरों में इन्वर्टर ठप हो गए। लेडिज पार्क उपकेंद्र पर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन करंट ट्रांसफार्मर में फाल्ट हो गया। परतापुर 132 केवी उपकेंद्र से भी सप्लाई में समस्या रहने से माधवपुरम और टीपी नगर उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या रही। निवासी तुषार गुप्ता ने बताया कि दो फेस नहीं आने पर टीपी नगर उपकेंद्र के अवर अभियंता को तीन बार फोन किया गया, पर फोन नहीं उठा।

इसकी शिकायत एसडीओ से की गई तो उन्होंने कहा कि उपकेंद्र में सब हड़ताल पर हैं, तो अवर अभियंता फोन उठाकर क्या करेगा। इसकी शिकायत पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी से भी की है।

मुख्य अभियंता रजनीकांत मिश्र ने बताया कि शहरी इलाकों में तारों पर पेड़ गिरने और पोल गिरने की मामले सामने नहीं आए हैं। लोकल फाल्ट जरूर हुए हैं। दो बजे तक संविदा कर्मियों द्वारा कार्य बहिष्कार करने के कारण मरम्मत कार्य में विलंब हुआ है।