करोड़ों के फ्राड की वसूली में फंसे दारोगा और हेड कांस्टेबल सस्पेंड, अंतरराष्ट्रीय ठग लविश चौधरी से भी कनेक्शन
मेरठ में क्रिप्टो ट्रेडिंग धोखाधड़ी की वसूली के दौरान ठगी के आरोपी शाहिद चौधरी से अवैध वसूली के आरोप में ...और पढ़ें

हेड कांस्टेबल नीरज व दरोगा अंकित।
HighLights
दारोगा और हेड कांस्टेबल वसूली के आरोप में निलंबित।
क्रिप्टो ठगी के आरोपी से अवैध वसूली का मामला।
अंतरराष्ट्रीय ठग लविश चौधरी से भी जुड़ाव सामने आया।
जागरण संवाददाता, मेरठ। क्रिप्टो ट्रेडिंग और डिजिटल टोकन में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के आरोपित नवाब अली उर्फ लविश चौधरी से जुड़े शाहिद चौधरी से 4.72 लाख रुपये की वसूली के मामले में लिसाड़ीगेट थाने में साइबर हेल्प डेस्क का प्रभारी दारोगा और पासपोर्ट का काम देखने वाले हेड कांस्टेबल को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है।
आरोप है कि दोनों ने शाहिद को हिरासत में लेकर ठगी की रकम के साथ अतिरिक्त रकम भी वसूली। ढाई माह बाद शाहिद ने अपनी पत्नी के माध्यम से मेरठ और सहारनपुर के डीआइजी से शिकायत कराई। मेरठ डीआइजी ने जांच सीओ क्राइम सौम्या अस्थाना को सौंपते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। वहीं, मुजफ्फरनगर के एसएसपी सूरज कुमार राय ने खतौली थाने की पमनावली चौकी प्रभारी मोहम्मद आरिफ को सस्पेंड कर दिया है।
दो अगस्त को मेरठ ट्रैवल्स फर्म के मालिक शादाब ओर से शाहिद के खिलाफ लिसाड़ीगेट थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दी गई थी। आरोप था कि शाहिद ने अपनी गारंटी पर नवाब अली की क्रिप्टो ट्रेडिंग और डिजिटल टोकन में रकम निवेश कराई। कुछ दिनों तक रकम लौटाने के बाद कंपनी बंद हो गई, जिसके बाद निवेशकों ने शाहिद से पैसे मांगे। दौराला के गांव कैली निवासी शाहिद ठगी के बाद सेक्टर-93, गेझा (नोएडा) चला गया था, जहां उसने फर्नीचर का शोरूम खोल रखा है।
शिकायत के बाद दारोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज परमार ने उसे पूछताछ के लिए लिसाड़ीगेड थाने बुलाकर बैठा लिया। पुलिस हिरासत में शाहिद ने दो लाख रुपये लौटाते हुए शादाब के साथ लिखित समझौता किया था। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने उससे 2.72 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम वसूली थी। उसी दिन रात को थाने में भीड़ बढ़ने पर शाहिद हिरासत से भाग गया था। ढाई माह बाद शाहिद की पत्नी रेशमा परवीन ने दारोगा और हेड कांस्टेबल के खिलाफ वसूली की शिकायत मेरठ डीआइजी से की।
डीआइजी ने जांच एसपी सिटी विनायक भोसले को सौंपी। उन्होंने सीओ कोतवाली संग्राम सिंह से जांच कराई, लेकिन शिकायतकर्ता से बात किए बिना अधूरी रिपोर्ट डीआइजी को सौंप दी गई। अब डीआइजी ने सीओ क्राइम सौम्या अस्थाना को जांच देकर 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। सीओ ने दोनों पुलिसकर्मियों और शादाब के बयान दर्ज किए हैं। सीओ का कहना है कि बैंक खातों से लेकर अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, रेशमा ने डीआइजी सहारनपुर से भी शिकायत की थी। उसका कहना है कि दारोगा आरिफ ने शाहिद के बैंक खाते सीज करा दिए थे।
वहीं, लविश के साथ नाम जुड़ने पर शाहिद का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया था। उसने खाता अनफ्रीज कराने के लिए खतौली पुलिस से संपर्क किया था। मामले की जांच पमनावली चौकी प्रभारी मोहम्मद आरिफ कर रहे थे। आरोप है कि आरिफ ने शाहिद से एक लाख रुपये मांगे थे। शाहिद को चौकी पर बैठाया लिया था। सीओ की जांच में मामला सही पाए जाने पर चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया।
