मेरठ, जागरण संवाददाता। हस्तिनापुर थाने के सिपाही द्वारा आत्महत्या की धमकी देने की आडियो का अभी निस्तारण नहीं हुआ था कि एक सिपाही ने थाना प्रभारी के उत्पीड़न से तंग आकर वीआरएस मांग लिया है। सिपाही का कहना है कि थाना प्रभारी ड्यूटी के नाम पर उत्पीड़न कर रहे हैं।

यह है मामला 

हस्तिनापुर थाने में तैनात सिपाही अनिल यादव ने बताया कि थाने में तैनाती के बाद एक सप्ताह तक उसकी ड्यूटी फैंटम पर लगा दी गई। उसके बाद वहां से हटाकर कोर्ट की पैरोकारी में लगा दिया। उस समय पैरोकार अवकाश पर गया हुआ था। पैरोकार के आने के बाद दोनों की ड्यूटी कोर्ट की पैरोकारी में चलती रही। 27 सितंबर को अनिल यादव को कोर्ट की पैरोकारी से हटा दिया, क्योंकि पैरोकारी में थाना प्रभारी केपी सिंह की बिरादरी का सिपाही लगा हुआ है। थाना प्रभारी के इस उत्पीड़न से तंग आकर सिपाही एसएसपी के समक्ष पेश हो गया। सिपाही ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर वीआरएस मांग लिया है। एसएसपी रोहित सजवाण का कहना है कि सिपाही की तरफ से दी गई शिकायत पर मवाना सीओ को जांच के आदेश दिए गए हैं। उससे पहले भी एक सिपाही की अवकाश मांगने की आडियो पर भी जांच कराई जा रही है।

मामूली बात पर मारपीट, पथराव, फायरिंग

मेरठ, जागरण संवाददाता। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के हुमायूं नगर निवासी इकबाल के अनुसार 15 दिन पहले क्षेत्र निवासी शकील से पंखा सही कराया था। गुरुवार को खराब होने पर वह शकील की दुकान पर गए। आरोप है कि उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर हाथापाई की। जानकारी पर उनके बेटे फरमान और फैसल आ गए। दूसरे पक्ष के भी लोग एकत्र हो गए। इसके बाद मारपीट शुरू हो गई। जमकर लाठी-डंडे चले व पथराव से अफरातफरी मच गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर फायरिंग का आरोप लगाया। पुलिस ने एक पक्ष के फैसल और दूसरे पक्ष के शकील को हिरासत में ले लिया। दोनों पक्षों ने तहरीर दी। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई होगी। 

Edited By: Parveen Vashishta

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