2.70 करोड़ का 'झोल' या अफवाह? इसे लेकर मेरठ पुलिस पर उठे सवाल तो SP देहात ने साफ की तस्वीर
Meerut News: मेरठ में सुभारती चेकपोस्ट के सामने जानी पुलिस और एसओजी टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पल्लवपुरम ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
थाने के रिकार्ड में दो करोड़ 70 लाख में से केवल 14.11 लाख पहुंचने का मामला सामने आया।
शीर्ष अफसरों ने सीओ और एसपी देहात से मांगी रिपोर्ट, तब हुई आरोपितों पर कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, मेरठ। जानी थाना पुलिस की मुश्किलें बढ़ गईं, जब थाने के रिकार्ड में दो करोड़ 70 लाख की रकम में से केवल 14.11 लाख रुपये पहुंचने का मामला सामने आया। तब शीर्ष अधिकारियों के आदेश पर जानी थाना पुलिस ने तीनों आरोपितों को एसओजी कार्यालय में पेश किया, जहां एसपी देहात और सीओ सरधना ने इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी के साथ आरोपितों से पूछताछ की।
एसपी देहात अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि दो करोड़ 70 लाख की गलत अफवाह फैलाई गई थी, जबकि जांच में केवल 14.11 लाख रुपये ही बरामद हुए। यह रकम सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के मोबाइल कारोबारियों द्वारा दिल्ली से मोबाइल का सामान खरीदने के लिए उनके पास थी। पुलिस ने स्रोत न बताने के कारण रकम को जब्त कर लिया और आयकर तथा जीएसटी विभाग को सूचना दे दी।
एसपी देहात ने बताया कि सुभारती चेकपोस्ट के सामने जानी पुलिस और एसओजी टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पल्लवपुरम की ओर से आई ह्युंडई ओरा कार को रोका गया। तलाशी के दौरान 14.11 लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस ने कार से चांद पुत्र हाफिज, गुलफाम पुत्र शाहिद निवासी देवबंद सहारनपुर और गौरव पुत्र सुरेन्द्र निवासी कोतवाली मुजफ्फरनगर को हिरासत में लिया।
तीनों ने बताया कि वे मोबाइल के स्पेयर पार्ट्स का कारोबार करते हैं और दिल्ली के गफ्फार मार्केट से स्पेयर पार्ट्स खरीदने जा रहे थे। पुलिस तीनों युवकों और रुपये के साथ जानी थाने पहुंची। इसी बीच किसी ने अधिकारियों को सूचना दी कि पुलिस ने 2.70 करोड़ रुपये बरामद किए हैं और बरामदगी कम दिखाई जा रही हैं।
एसपी देहात ने तीनों कारोबारियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और रुपये के बारे में जानकारी ली। तीनों ने 14.11 लाख रुपये की बरामदगी की पुष्टि की। एसपी देहात ने स्पष्ट किया कि 2.70 करोड़ रुपये बरामद होने की बात गलत है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग को घटना की जानकारी दे दी गई है और रुपये के स्रोत की जांच की जाएगी।
नकदी ले जाने की कोई कानूनी सीमा नहीं, वैध स्रोत के दस्तावेज होना अनिवार्य
वरिष्ठ सीए केपी सिंह के अनुसार बस, ट्रेन या कार से यात्रा करते समय अपने पास नकद ले जाने की कोई अधिकतम कानूनी सीमा तय नहीं है। यदि राशि बड़ी है, तो जांच के दौरान पुलिस या कर एजेंसियों द्वारा रोके जाने पर पैसे के वैध स्रोत (जैसे बैंक पासबुक, एटीएम पर्ची, बिजनेस की बिक्री के दस्तावेज आदि) दिखाना अनिवार्य होता है।
आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 186 के अनुसार, एक दिन में, किसी एक व्यक्ति से, या किसी एक एकल/आयोजन से जुड़े लेन-देन में 2 लाख रुपये से अधिक नकद प्राप्त करने पर प्रतिबंध है। यह सीमा नकद साथ लेकर सफर करने पर लागू नहीं होती, बल्कि नकद भुगतान या प्राप्ति पर लागू होती है। आम तौर पर लोग यह गलतफहमी पाल लेते हैं कि यात्रा में केवल 2 लाख रुपये ही ले जा सकते हैं, जबकि यह नियम नकद लेन-देन पर लागू होता है, यात्रा पर नहीं।
