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खुद को एंटी करप्शन अधिकारी बता युवक को उठाया... फिर मांगे 50 लाख, यूं हुआ मामले का राजफाश

By Lokesh Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 16 Oct 2026 05:55 AM (IST)

मेरठ में खुद को एंटी करप्शन अधिकारी बताकर एक युवक का अपहरण कर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। ...और पढ़ें

परीक्षितगढ़ थाने पर पुलिस कस्टडी में गिरफ्तार आरोपित व बरामद कार। जागरण

परीक्षितगढ़ थाने पर पुलिस कस्टडी में गिरफ्तार आरोपित व बरामद कार। जागरण 

HighLights

  1. खुद को एंटी करप्शन अधिकारी बताकर युवक का अपहरण।

  2. अपहृत युवक से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।

  3. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।

जागरण संवाददाता, मवाना (मेरठ)। खुद को एंटी करप्शन अधिकारी बता तीन बोलेरो नियो सवार युवकों ने ग्राम झब्बापुरी से एक युवक को जबरन हिरासत में ले लिया। उसे गाड़ी में डालकर ले गए। हाथ में वाका टाकी व कार्रवाई की धमकी से ग्रामीण लोग सहम गए और विरोध नहीं कर पाए। बोलेरो सवार युवकों ने हिरासत में लिए युवक से 50 लाख रुपये मांगे। उसने रुपये होने से इन्कार किया तो चाचा से फोन कराकर रुपया मंगाने को कहा। उसके इन्कार करने पर आरोपित युवक को रात में गांव के बाहर छोड़कर फरार हो गए।

युवक की शिकायत पर परीक्षितगढ़ टीम गांव पहुंची। जांच की तो पूरा मामला फर्जी निकला। पुलिस ने युवक का अपहरण कर रंगदारी मांगने के मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर उनसे गाड़ी, वाकी टाकी, पांच मोबाइल फोन व दो आईडी कार्ड बरामद किए है। थाना परीक्षितगढ़ के खादर क्षेत्र में कुंडा निवासी 22 वर्षीय छिन्दा सिंह ने मंगलवार मध्यरात को पुलिस को सूचना दी की वह शाम करीब सात बजे ग्राम झब्बापुरी गया था। इसी दौरान बोलेरो सवार तीन लोग वहां पहुंचे। खुद को एंटी करप्शन अधिकारी बताया। कई आरोप लगाते हुए उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और चले गए।

बोलेरो सवार ने उसे छोड़ने एवज में 50 लाख रुपये मांगे। छिंदा सिंह ने कहा कि उसके पास रुपये नहीं है। इस पर उसके चाचा से फोन कर रुपया मांगा गया। रात 11 बजे उसे कस्बा स्थित झारखंडी मंदिर के पास गाड़ी से उतारकर वह फरार हो गए। रात करीब दो बजे छिंदा ने एसओ केदार सिंह को सूचना दी। उन्होंने सर्विलांस टीम की मदद से जांच की। इसके बाद पुलिस ने झब्बापुरी निवासी मोनू व मुरसलीन, आशीष निवासी गेसूपुर किठौर, इकबाल और फिरोज निवासी बक्सर भावनपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित एंटी करप्शन विभाग नहीं एंटी करप्शन सोशल वेलफेयर नाम की संस्था चलाते हैं और रौब गालिब कर वसूली करते हैं। पकड़े गए शातिरों ने बताया कि छिंदा सिंह आनलाइन गेम खेलता है। उसके पास भारी पैसा होने का अनुमान था। मोनू व मुरसलीन ने छिंदा की रेकी की थी। एसओ ने बताया कि गिरफ्तार पांचों लोगों को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया।