प्लाट की आरक्षित कीमत थी 81.35 लाख, बोली जा पहुंची 1.89 करोड़ तक... पल्लवपुरम में बिका सबसे महंगा प्लाट
मेरठ विकास प्राधिकरण की ई-नीलामी में आवासीय और व्यावसायिक प्लाटों को आरक्षित कीमत से कई गुना अधिक दाम पर बेचा ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
गंगानगर के आइ व एच पाकेट में आवासीय प्लाटों के लिए बरसा धन
आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी के प्लाटों को किया गया था शामिल
जागरण संवाददाता, मेरठ। दीपावली से पहले ही मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) पर धन वर्षा हुई है। 12 और 13 सितंबर को आयोजित की गई ई-नीलामी के परिणाम चौंकाने वाले आए हैं। इस नीलामी में रियल एस्टेट बाजार का बूम साफ देखने को मिला, जहां निवेशकों और घर खरीदारों ने मनचाहे प्लाट पाने के लिए ऊंचे दामों पर बोली लगाई। कई प्लाट आरक्षित (रिजर्व) कीमत से कई गुना अधिक दाम पर बिके हैं। इसमें आवासीय और व्यावसायिक प्लाटों को शामिल किया गया था। सबसे महंगा प्लाट पल्लवपुरम का बिका है। वहीं गंगानगर में दो से चार गुना तक बोली लगी।
पल्लवपुरम में सबसे महंगा सौदा हुआ। यहां सेक्टर ओ स्थित 220.5 वर्ग मीटर के इस प्लाट की आरक्षित कीमत 81.35 लाख रुपये तय की गई थी, लेकिन इसके लिए 1,89,54,550 रुपये की रिकार्ड तोड़ उच्चतम बोली लगी। यह आरक्षित कीमत से दोगुने से भी अधिक का उछाल है। पल्लवपुरम सेक्टर जे में ही 14 लाख रुपये की आरक्षित कीमत वाला प्लाट 28,58,040 रुपये में बिका।
गंगानगर इलाके के सेक्टर एच और आइ में प्लाट को लेकर बोलीदाताओं के बीच सबसे ज्यादा होड़ देखने को मिली। 90.8 वर्ग मीटर के प्लाट को 99,381 की उच्चतम दर पर खरीदा, जबकि इसकी आरक्षित दर मात्र 23,625 थी। यानी आरक्षित दर से चार गुना से भी ज्यादा है। प्लाट एलएमपी-40 के लिए 22,000 की आरक्षित दर थी जिसे 86,020 की उच्चतम दर लगाकर खरीदा गया।
प्लाट एलएमपी-41 की 23,625 की आरक्षित दर के मुकाबले 91,357 की दर पर प्लाट बिका। इसी तरह से वेदव्यासपुरी और लोहिया नगर में भी पैसे बरसे। वेदव्यासपुरी सेक्टर-तीन में 250 वर्ग मीटर के प्लाट के लिए 1,03,000 की दर से बोली लगाई, जबकि प्राधिकरण ने इसकी बेस कीमत 50,000 तय की थी। यानी यह दोगुने से ज्यादा लगी है। लोहिया नगर के कन्वीनियंट शाप के लिए 49,500 की आरक्षित दर के मुकाबले ठीक दोगुनी 99,000 की उच्चतम बोली लगी। मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि मेडा विकास कार्य पर ध्यान दे रहा है और आवंटियों की समस्या की सुनवाई हो रही है। इससे अब प्लाट खरीदार बढ़े हैं।
