'अवैध निर्माण खुद तोड़ें, वरना JCB से तोड़ा जाएगा', अधिकारियों की मेरठ के सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को चेतावनी
Meerut News : सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश को देखते हुए आवास एवं विकास परिषद ने मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल ...और पढ़ें

शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट, जिस पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी है l जागरण
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने सभी अवैध निर्माणों तोड़ने का दिया था आदेश।
लखनऊ मुख्यालय में आवास आयुक्त से मिले व्यापारी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्णय को देखते हुए आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों ने व्यापारियों को खुद अपने अवैध निर्माण तोड़ने के लिए कहा है। गुरुवार को सेंट्रल मार्केट के व्यापारी लखनऊ मुख्यालय पहुंचे और आवास आयुक्त से मिले। इस दौरान व्यापारियों की वास्तुविद नियोजन की टीम से विस्तृत चर्चा हुई।
परिषद ने व्यापारियों को अपने अवैध निर्माण स्वतः तोड़ने के लिए नोटिस जारी कर 15 दिन का समय देने का निर्णय लिया है। 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सभी अवैध निर्माणों को तोड़ने का आदेश देते हुए छह सप्ताह बाद कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। इस आदेश के बाद व्यापारियों में हलचल बढ़ गई है।
संयुक्त सेंट्रल मार्केट शास्त्रीनगर व्यापार समिति के बैनर तले जीतेंद्र अग्रवाल, नमित जैन समेत छह-सात व्यापारी गुरुवार को लखनऊ पहुंचे।
यहां तकनीकी समिति ने व्यापारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अनुपालन करने के लिए कहा। साथ ही निर्देश दिए की सभी व्यापारी नियमानुसार अपने-अपने भूखंड के आकार के अनुसार सेट बैक छोड़ दें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध निर्माण नहीं हटाए गए तो उन्हें जेसीबी से तोड़ना पड़ेगा। वास्तुविद नियोजन की टीम ने बताया कि भू उपयोग उपविधि के अनुसार कितना सेट बैक छोड़ना है।
पहले चरण में शास्त्रीनगर योजना संख्या सात के 729 निर्माणों को चिन्हित किया गया है, जिनके अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों ने टीन शेड और आगे के अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वास्तुविद नियोजन की टीम मेरठ में आकर अवैध निर्माण के चिन्हीकरण में मार्गदर्शन भी करेगी।
लखनऊ में मेरठ के अधीक्षण अभियंता राहुल यादव और अधिशासी अभियंता अभिषेक राज भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों ने अपने निर्माण हटाने के लिए मोहलत मांगी है, इसलिए नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया जाएगा।
729 में केवल 103 व्यापारियों ने किया शमन के लिए आवेदन
लखनऊ में हुई बैठक में यह भी चर्चा हुई कि केवल 103 व्यापारियों ने शमन के लिए आवेदन किया है। जिसमें 80 निर्माणों के लिए आवास एवं विकास परिषद ने आपत्तियां भी मांगी हैं। अन्य व्यापारियों को अपने अवैध निर्माण तोड़ने होंगे। 12 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क पर नियोजित करने के लिए भू स्वामियों को मिश्रित भू उपयोग के लिए 27 हजार और पूर्ण व्यावसायिक कराने के लिए 36 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर का भुगतान करना होगा।
