मेरठ, जेएनएन। लॉकडाउन के बीच तीन दिन से जारी भीषण गर्मी में बिजली डिमांड के सारे रिकार्ड टूट गए। रविवार को जिले में बिजली डिमांड 690 एमवीए रिकार्ड की गई। जो पिछले साल मई महीने की डिमांड के बराबर पहुंच गई। जबकि लॉकडाउन के चलते औद्योगिक इकाईयां और व्यवसायिक बाजार सब बंद चल रहे हैं। इससे बिजली अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

पहले घट गई थी डिमांड

बिजली अधिकारियों के मुताबिक मार्च में जब लॉकडाउन नहीं था। सभी औद्योगिक इकाईयां, बाजार सब खुले थे तब बिजली की पीक डिमांड 571 एमवीए थी। लेकिन जैसे ही 22 मार्च से लॉकडाउन शुरू हुआ। सारे कारखाने व बाजार बंद हुए एकाएक बिजली डिमांड घटकर 340 एमवीए पर आ गई थी। अप्रैल भर इसी के आसपास डिमांड बरकरार रही। लेकिन मई में बीते तीन दिन से पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंचते ही बिजली डिमांड में तेजी से उछाल आया है। ऐसा उछाल कि सारे रिकार्ड टूट गए।

अब तक की सबसे ज्यादा डिमांड

अधीक्षण अभियंता शहर एके सिंह के अनुसार मई महीने की अब तक की सबसे ज्यादा बिजली डिमांड 690 एमवीए रविवार को दर्ज हुई। अगर लॉकडाउन में तुलना करें तो पहले लॉकडाउन से चौथे लॉकडाउन में पहुंचते ही बिजली डिमांड लगभग दोगुना हो गई है। जबकि पिछले साल मई की डिमांड से तुलना करें तो उसके बराबर पहुंच गई है। लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि पिछले साल मई में लॉकडाउन नहीं था।

आंख-मिचौली करती रही

सारे कारखाने व बाजार खुले थे तब इतनी डिमांड थी। लेकिन इस बार तो अभी सब बंद हैं। केवल सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय खुल रहे हैं और घरेलू बिजली का उपयोग हो रहा है। यही वजह है कि बिजली ट्रिपिंग बढ़ गई है। फॉल्ट अधिक हो रहे हैं। रविवार को आबूलेन सदर बाजार क्षेत्र, शास्त्रीनगर सेक्टर आठ, मोहकमपुर समेत पुराने शहर में बिजली दिनभर आंख-मिचौली करती रही। डेढ़ से दो घंटे के लिए गुल होती रही।

दो कारण मान रहे बिजली अधिकारी

कारण एक : बढ़ गई बिजली चोरी

बिजली अधिकारियों का कहना है एकाएक तीन दिन में बढ़ी बिजली डिमांड से स्पष्ट है कि जिले में बिजली चोरी शुरू हो गई है। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान बिजली चोरी की रोकथाम के लिए टीमें निकल नहीं रही हैं। ऐसे में लोग इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। हीटर के उपयोग की संभावना भी जताई जा रही है।

कारण-दो: उपकरणों के उपयोग के बढ़े घंटे

बिजली अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में पंखे, एसी, कूलर, फ्रिजर, टीवी जैसे उपकरण भी चालू हो गए हैं। लोग घरों में अधिक हैं। इसलिए हर घर में बिजली डिमांड बढ़ गई है। जो उपकरण छह से आठ घंटे चलते थे अब 24 घंटे सारे उपकरण चल रहे हैं।

इनका कहना है

बढ़े हुए विद्युत भार का परीक्षण फीडर वार कराया जाएगा। पिछले साल की तुलना में जिन फीडरों पर बिजली डिमांड अधिक पायी जाएगी। उसके हिसाब से कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

- एसबी यादव, मुख्य अभियंता, मेरठ जोन पीवीवीएनएल। 

Posted By: Prem Bhatt

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