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कानूनगो ने जमीन की रिपोर्ट के बदले मांगी 30 हजार की रिश्वत, मेरठ में एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 09 Sep 2026 07:34 PM (IST)

मेरठ की सदर तहसील में कानूनगो धर्मपाल सिंह को जमीन संबंधी मामले में रिपोर्ट लगाने के लिए 30,000 रुपये की ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो

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HighLights

  1. एंटी करप्शन की टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में दर्ज कराया केस

  2. आरोपित के सेवानिवृत्त होने में करीब डेढ़ वर्ष का समय ही बचा था।

जागरण संवाददाता, मेरठ। सदर तहसील में जमीन संबंधी मामले में रिपोर्ट लगाने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले कानूनगो धर्मपाल सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया। टीम के धरपकड़ करने पर कानूनगो ने जेब से रकम निकाल कर बाहर फेंक दी थी।
पुलिस रकम बरामद करने के बाद कानूनगो को देहलीगेट थाने लेकर आई। वहां पर कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया।

मुंडाली थाना क्षेत्र के आलमपुर बुजुर्ग निवासी दल सिंह का जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। जून माह में उन्होंने धारा 24 के तहत एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। एसडीएम कोर्ट से रिपोर्ट के लिए मामला सदर तहसील भेजा गया था। कई दिन तक रिपोर्ट नहीं लगी तो दल सिंह ने कानूनगो धर्मपाल सिंह से संपर्क किया।

दल सिंह के अनुसार, कानूनगो पहले एक-दो दिन में रिपोर्ट लगाने का आश्वासन देते रहे। इसके बाद वह हर बार किसी न किसी बहाने से टालते रहे। एक सप्ताह पहले उन्होंने रिपोर्ट लगाने के एवज में 30 हजार रुपये की मांग कर दी।

आर्थिक तंगी से पीड़ित बताते हुए दल सिंह ने कानूनगो से रिपोर्ट भेजने की गुहार लगाई। तब गुस्से में आकर कानूनगो ने उसे कुर्सी से खड़ा कर दिया। तब दलसिंह ने अपने गांव के ग्राम प्रधान से मदद मांगी। ग्राम प्रधान ने कानूनगो को इस रवैये पर दलसिंह को एंटी करप्शन को शिकायत करने की सलाह दी।

तब दलसिंह ने एंटी करप्शन के आफिस जाकर दो दिन पहले शिकायत की थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद टीम ने कानूनगो को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। बुधवार को दल सिंह को पाउडर लगे 30 हजार रुपये देकर सदर तहसील भेजा गया।

दोपहर करीब दो बजे दल सिंह एक साथी के साथ सदर तहसील पहुंचे। दोनों कानूनगो के कमरा नंबर 18 में गए। वहां धर्मपाल सिंह बैठे थे। दल सिंह ने 30 हजार रुपये उन्हें दिए, जिसे कानूनगो ने अपनी पैंट की जेब में रख लिया। इशारा मिलते ही एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर अपना परिचय दिया।

टीम को देखते ही कानूनगो ने जेब से रुपये निकालकर फेंक दिए, लेकिन टीम ने उन्हें पकड़ लिया। वहां से देहली गेट थाने में ले गए, जहां पर भ्रष्टचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया।

डेढ़ साल बाद है रिटायरमेंट

एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर कैलाश चंद ने बताया कि धर्मपाल सिंह के सेवानिवृत्त होने में करीब डेढ़ वर्ष का समय ही बचा है। कुछ महीने पहले उनका स्थानांतरण सहारनपुर हुआ था। वहां करीब पांच महीने ड्यूटी करने के बाद उन्होंने दोबारा मेरठ में अपना स्थानांतरण करा लिया था। कानूनगो के पकड़े जाने पर परिवार के लोग भी थाने पहुंच गए थे।