मेरठ, जागरण संवाददाता। Delhi Meerut Expressway चार दिन तक हुई बरसात के कारण 8346 करोड़ की लागत से बना दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे एक दर्जन स्थानों से उखड़ गया। कहीं मिट्टी तो कहीं सड़क धंस गई। एक्सप्रेस-वे में पानी निकासी के लिए बनाई गई ज्यादातर सीमेंटेड नालियां मिट्टी दरकने से बह गई हैं। आनन -फानन में अधिकारी एक्सप्रेस वे को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।

बरसात में हर बार दिक्‍कत आती है

मेरठ से दिल्ली से जोड़ने के लिए एक अप्रैल 2021 को मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे शुरू हुआ। इस एक्सप्रेस वे से मेरठ- दिल्ली की दूरी मात्र पैंतालिस मिनट में ही पूरी करने की बात कही गई थी, लेकिन एक्सप्रेस शुरू होने के बाद से ही बरसात में सड़क किनारे की मिट्टी कई जगह से धंसने का क्रम जारी है। कई स्थानों पर सडक़ पर दरार आ गईं। चार दिन तक लगातार हुआ वर्षा में भी ऐसा ही हुआ।

आ रही दिक्‍क्‍तें

कांशी टोल प्लाजा के आसपास, बहादरपुर अंडरपास से लेकर कुशलिया तक कई जगहों पर किनारे की नालियां बह गईं। मिट्टी बह जाने के कारण कई जगह सडक़ भी धंस गई। टोल प्लाजा से 30 मीटर की दूरी पर बने धर्म कांटे के पास सड़क बैठ गई है। कांशी टोल प्लाजा के पास दो जगह पर सड़क की एक लेन क्षतिग्रस्त हो गई है। दिल्ली से आते वक्त भोजपुर टोल प्लाजा के पास भी कई स्थानों पर सड़क धंस गई। कलछीना गांव के पास दो जगहों पर मिट्टी धंस गई है।

बैरीकेड्स भी लगाए गए

हाइड्रा मशीन लगाकर सीमेंटेड नालियों को दुरुस्त किया जा रहा है। जबकि जेसीबी से धंसी हुई मिट्टी को भरा जा रहा है। दुहाई कट के निकट एक स्थान पर सड़क धंसकर टूट गई है। हाईवे पर पांच से सात फीट तक धंसे हुए स्थान साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। इन स्थानों को बैरीकेड्स किया गया है, ताकि कोई हादसा न हो। दुहाई के ऊपर निकल रहे एक्सप्रेस-वे के फ्लाईओवर पर ही एक जगह से सड़क टूटी पड़ी है।

मिट्टी धंसने की शिकायतें

जेसीबी से मरम्मत का कार्य जारी था। वहीं एनएचएआई के परियोजना निदेशक खंड चार पुनीत खन्ना ने बताया, एक्सप्रेस-वे के चौथे खंड में बारिश के चलते कुछ स्थानों पर मिट्टी धंसने की शिकायतें आई हैं। देखरेख करने वाली कंपनी जीआर इन्फ्रा के कर्मचारी मशीनों के साथ लगातार मरम्मत कार्य कर रहे हैं। सीमेंटेड नालियों को ठीक किया जा रहा है ताकि पानी निकासी व्यवस्था बनी रहे। 

Edited By: Prem Dutt Bhatt

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