मेरठवासियों के लिए अच्छी खबर: अब मेडिकल काॅलेज से सुभारती यूनिवर्सिटी तक सीधे मिलेगी सिटी बस; इसका रूट व किराया तय
मेरठ में मेडिकल कॉलेज से सुभारती विश्वविद्यालय तक नई सीधी बस सेवा बुधवार से शुरू होगी। यह बस हर 20 मिनट पर मिलेगी।

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
बुधवार से पहली बस सुबह सात बजे चलेगी, प्रत्येक 20 मिनट पर मिलेगी बस।
रोहटा रोड सहित कई क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सिटी ट्रांसपोर्ट बस सेवा ने एक नया रूट तैयार किया है। एक दिन बाद अर्थात बुधवार से मेडिकल काॅलेज से दिल्ली-दून हाईवे पर सुभारती विश्वविद्यालयतक जाने के लिए सीधी सिटी बस सेवा मिलेगी। इससे रोहटा रोड के लोगों को भी लाभ मिलेगा।
अभी तक मोदीपुरम से मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशन तक चलने वाली बस ही सुभारती विश्वविद्यालय के सामने से होकर जाती थी। काफी समय से लोग मांग कर रहे थे कि मेडिकल काॅलेज से सुभारती तक सीधी बस सेवा मिलनी चाहिए।
सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के लोहियानगर डिपो प्रभारी सचिन सक्सेना ने बताया कि बुधवार से गढ़ रोड पर मेडिकल कालेज से दिल्ली-दून हाइवे स्थित सुभारती विश्वविद्यालय तक बस सेवा आरंभ कर दी जाएगी। पहली बस सुबह सात बजे चलेगी, जिसके बाद प्रत्येक 20 मिनट पर बस सेवा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि यह रूट इस तरह तैयार किया गया है, जिसके बाद फायदा सुभारती और उसके बाद रोहटा रोड होते हुए कैंट से बेगमपुल के बीच रहने वाले लोगों को भी मिलेगा। बताया कि इस बस में सुभारती से बेगमपुल तक 20 रुपये और बेगमपुल से गढ़ रोड मेडिकल कालेज तक भी 20 रुपये किराया रहेगा।
अर्थात मेडिकल कालेज से सुभारती तक कुल 40 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक मेडिकल से सिटी स्टेशन, मेडिकल से बेगमपुल, मेडिकल से सिवाया टोल, मेडिकल से काशी गांव तक और मोदीपुरम से भूड़ बराल मेट्रो साउथ स्टेशन तक पांच रूटों पर सिटी बसों का संचालन किया जा रहा था। बुधवार से छठे रूट पर भी बसें संचालित कर दी जाएंगी।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की फीस 700, लेकिन दलाल वसूल रहे छह हजार: पंवार
मेरठ: पुराने वाहनों को जब्त करने और भ्रष्टाचार के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (धन सिंह कोतवाल) के कार्यकर्ताओं ने आरटीओ कार्यालय में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आरटीओ कार्यालय में दलालों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
प्रदेश अध्यक्ष नितेश पंवार ने कहा कि परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। घरों के बाहर से वाहनों को जब्त कर तानाशाही की जा रही है, जबकि वाहन जब्त करने से पहले नोटिस दिया जाना चाहिए। पुराने वाहन खरीदने वाले कबाड़ी माफिया से मिलीभगत के चलते यह सब हो रहा है। आरोप लगाया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की फीस 700 रुपये निर्धारित है, लेकिन दलाल पांच से छह हजार रुपये वसूल रहे हैं।
