जागरण संवाददाता, मेरठ। खतरनाक स्तर को पार कर चुके काली नदी के प्रदूषण को लेकर हर स्तर पर गंभीरता नजर आने लगी है। स्थानीय सांसद व विधायक ने भी काली को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। सांसद ने जहां जलशक्ति मंत्री से मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया, वहीं किठौर विधायक ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नदी को प्रदूषण मुक्त करने की मांग की है।

अभियान चलाकर नदी की साफ-सफाई का काम जारी है। ऐसे में पिछले दिनों काली के पानी को लेकर जारी रिपोर्ट ने सभी को हैरान कर दिया। पानी हर स्तर पर मानव के लिए जहर बन चुका है। गुरुवार को मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से संसद भवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की और नदी को प्रदूषण मुक्त करने का मुद्दा उठाया। साथ ही परियोजना के लिए अपेक्षित धन का आवंटन कराते हुए शीघ्र क्रियान्वयन की मांग की।

इसी तरह किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी ने भी काली नदी के प्रदूषण और किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों के स्वास्थ्य की चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। विधायक ने बताया कि काली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे।

फाइलों में कैद रही परियोजना

सांसद ने बताया कि काली नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए नमामि गंगे योजना के तहत 2019 में 681.78 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई थी। लगभग ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी परियोजना के लिए धन आवंटन नहीं हो सका है। जिस कारण स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका। सांसद ने जलशक्ति मंत्री से परियोजना के लिए शीघ्र धन आवंटित कराने की मांग की। 

Edited By: Himanshu Dwivedi