गजब! युवक था जेल में बंद और मेरठ में शादी हो गई पंजीकृत, मामला खुला तो अधिकारी भी रह गए हैरान
मेरठ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक के जेल में बंद होने के बावजूद उसका ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
जेल में बंद युवक का मेरठ में हुआ फर्जी शादी पंजीकरण।
फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर दो बार हुआ पंजीकरण।
एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की।
जागरण संवाददाता, मेरठ। उपनिबंधक कार्यालय में शादी पंजीकरण में फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कंकरखेड़ा के डिफेंस एन्क्लेव निवासी एक युवक जिस अवधि में जिला कारागार में बंद था, उसी दौरान उसका उपनिबंधक चतुर्थ कार्यालय में एक युवती संग शादी का पंजीकरण कर दिया गया। इतना ही नहीं, इसी युवक-युवती का अगले माह फिर से उप निबंधक चतुर्थ कार्यालय में शादी का दुबारा पंजीकरण किया गया। इस फर्जीवाड़े एक महिला ने शिकायत एसएसपी से की तो वे हैरत में रह गए।
उन्होंने सीओ ब्रह्मपुरी से पूरे मामले की जांच कराई तो आरोप सही मिले। एसएसपी ने शादी का पंजीकरण करने वाले युवक-युवती, दोनों के पंजीकरण में संलिप्त स्वजन व उपनिबंधक चतुर्थ कार्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। ब्रह्मपुरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिवशक्तिनगर निवासी पूनम वर्मा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसने प्रिंस वर्मा निवासी डिफेंस एन्क्लेव कंकरखेड़ा के खिलाफ थाना ब्रह्मपुरी पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने जांच के बाद आरोपित के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। यह मामला स्पेशल जज पोक्सो एक्ट के न्यायालय में विचाराधीन है। पूनम वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रिंस वर्मा ने शैफाली, उसके भाई व अन्य स्वजन संग मिलकर शैफाली से शादी का पंजीकरण 20 जुलाई 26 को उपनिबंधक चतुर्थ के यहां कराया। इसमें फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया गया। प्रिंस व शैफाली ने शादी ही नहीं की।
दरअसल, जिस दिन विवाह व उसका पंजीकरण कराया गया, उस दिन प्रिंस जिला कारागार मेरठ में बंद था। इसके बाद प्रिंस ने फिर शैफाली से शादी के फर्जी दस्तावेज बनाकर 5 अगस्त 26 को उपनिबंधक चतुर्थ के यहां शादी का पंजीकरण कराया। पूनम ने आरोप लगाया शादी के दोनों पंजीकरण उपनिबंधक चतुर्थ कार्यालय के कर्मचारियों से मिलकर फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर किए गए है। उन्होंने इस धोखाधड़ी की शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी ने पूरे मामले की जांच सीओ ब्रह्मपुरी को सौंपी। सीओ की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने थाना ब्रह्मपुरी को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया। ब्रह्मपुरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए है।
