मेरठ, जेएनएन। Meerut Lockdown Day 5 लॉकडाउन के दौरान अपने अपने घरों के निकले लोगों के लिए अब रैन बसेरों की व्‍यवस्‍था होनी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्‍य सरकार भी इसको लेकर चिंतित थी। इन चिंताओं के बीच रविवार को नगर आयुक्‍त के निर्देश के बाद खुले रैनबसेरों में मजदूर पहुंचने लगे। इन रैन बसेरों में पहुंचकर इन प्रवासी मजदूरों ने राहत की सांस ली। अभी धीरे धीरे इन रैनबसेरों की संख्‍या को बढ़ाया जाएगा। खुद नगर आयुक्‍त ने इस पर नजर रखी हुई है। इसके अलावा रैनबसेरों में सफाई व्‍यवस्‍था को भी पूरा-पूरा ध्‍यान रखा जा रहा है।

केंद्र सरकार ने जताई थी चिंता

गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि जो प्रवासी मजूदर जहां है वहीं पर उसकी देखभाल की व्यवस्था होगी। इसके लिए समुचित व्यवस्थाएं तत्काल प्रभाव से करने के निर्देश हुए थे। शनिवार को हालत यह थी कि प्रवासी मजूदर सड़क पर भटकते मिले तो आश्रय स्थलों की तीन मंजिला इमारतें खाली मिलीं। दिल्ली से सहारनपुर जाने के लिए दो दिन पहले पैदल निकले रहीश के साथ कोई 10 मजूदर का समूह परतापुर तिराहे पर मौजूद था। पूछने पर बताया कि उनका ठेकेदार पहले ही भाग गया था। काम न होने व लॉकडाउन के चलते वह लोग पैदल ही घर के लिए निकले हैं। उन्हें सरकारी सहयोग या रैन बसेरा के इंतजाम की कोई जानकारी नहीं है।

इनका कहना है

हमारे आश्रय केंद्र तैयार हैं। सड़क किनारे बैठे मजदूरों से कहा गया था कि वे आश्रय स्थलों में जाएं, लेकिन कोई जाने को तैयार नहीं हुआ। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें आश्रय स्थलों में भेजा जाएगा। वहीं पर उनके खाने की व्यवस्था कराई जाएगी। हेल्थ चेकअप के बाद ही रैनबसेरों और आश्रय स्थलों में रखा जाएगा।

- डा. अरविंद चौरसिया, नगर आयुक्त 

Posted By: Prem Bhatt

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