मेरठ, जेएनएन। कोविड-19 से बचाव के लिए लागू किए लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को पुलिस ने मुर्गा बनाया। इस दौरान काफी लोगों के चालान भी काटे गए। यही नहीं कई लोगों की डंडों से भी खबर ली गई। एल-ब्लाक चौराहे पर भविष्य में उल्लंघन नहीं करने का भरोसा दिए जाने पर ही पुलिस ने इन लोगों को जाने दिया। लेकिन लोग फिर बाज नहीं आ रहे हैं। बेवजह सड़कों पर उतर जा रहे हैं। 

मानी जाएगी सरकारी कार्य में बाधा

केंद्रीय गृह सचिव का पत्र पुलिस विभाग को जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि लॉकडाउन का पालन नहीं करने वाले लोगों को सरकारी काम में बाधा डालने वालों की श्रेणी में रखा जाएगा। आदेश में 2005 के आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 तक के प्रावधानों के साथ ही आइपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाए। सरकारी काम में बाधा डालने पर दो साल की सजा का प्रावधान है।

तो होगी कार्रवाई

सरकारी कर्मचारी बिना ठोस कारण ड्यूटी से इंकार करता है तो उसके खिलाफ धारा 56 के तहत कार्रवाई की जाए। इसमें भी एक साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी धारा 54 में कार्रवाई की जाए। एक अप्रैल को जारी किए पत्र में लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

लॉकडाउन में अब तक 356 मुकदमे दर्जन

मेरठ पुलिस की तरफ से अभी तक लॉकडाउन के 356 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज किए हैं। इसमें धारा 188, 269,270 में कार्रवाई की है। मुकदमों में सरकारी कार्य में बाधा डालने की धारा बढ़ा दी है। एसएसपी अजय साहनी ने थाना प्रभारियों को आदेश दिया कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराएं। 

Posted By: Prem Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस