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मेरठ में खादी महोत्सव 16 से: प्रदर्शनी में होंगे स्वदेशी उत्पाद, प्राकृतिक एवं जैविक उत्पाद भी होंगे उपलब्ध

By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 16 Oct 2026 05:45 AM (IST)

मेरठ में 16 से 25 अक्टूबर तक खादी महोत्सव का आयोजन हो रहा है, जिसमें आठ राज्यों के खादी, हस्तकला ...और पढ़ें

राजकीय इंटर कालेज में चल रही प्रदर्शनी की तैयारी। जागरण

राजकीय इंटर कालेज में चल रही प्रदर्शनी की तैयारी। जागरण

HighLights

  1. 16 से 25 अक्टूबर तक मेरठ में चलेगा खादी महोत्सव।

  2. आठ राज्यों के स्वदेशी, प्राकृतिक और जैविक उत्पाद।

  3. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, कारीगरों को बाजार।

जागरण संवाददाता, मेरठ। खादी और ग्रामोद्योग विभाग का 10 दिवसीय खादी महोत्सव आज से पीएमश्री राजकीय इंटर कालेज के मैदान में शुरू होगा। हालांकि इसका विधिवत उद्घाटन 17 अक्टूबर को कराया जाएगा।16 से 25 अक्टूबर तक प्रदर्शनी लगेगी। जिसमें देश के आठ राज्यों से खादी, हस्तकला और स्वदेशी के प्रसिद्ध उत्पाद आम लोगों की खरीदारी के लिए उपलब्ध होंगे।प्रदर्शनी में स्टाल लगाने के लिए विभिन्न राज्यों से अधिकांश व्यापारी और संस्थाएं गुरुवार दोपहर तक ही पहुंच गई।

परिक्षेत्रीय खादी ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की खादी एवं ग्रामोद्योग इकाइयां भाग लेंगी।जिसमें खादी और हैंडलूम के कपड़े, ऊनी व सूती परिधानों, बनारसी सिल्क की साड़ियां, हस्तनिर्मित सजावटी सामान और मिट्टी के कलात्मक उत्पाद खरीदने का मौका आम जनता को मिलेगा। अचार, मुरब्बे, पापड़, मसाले, नमकीन, शहद और प्राकृतिक एवं जैविक उत्पाद भी लोगों को रिझाएंगे।

मंच पर खादी फैशन शो, कवि सम्मेलन, लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगीत कार्यक्रमों का आयोजन होगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना इस प्रदर्शनी का उद्देश्य है। कारीगरों, शिल्पकारों, महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को यहां वैश्विक बाजार मिलेगा। गुरुवार दोपहर तक ही यहां अधिकांश संस्थाएं और व्यापारी पहुंच गए थे। जिन्हें स्टाल आवंटित किएगए।

लोग चरखे पर सूत कातेंगे और मिट्टी के बर्तन
प्रदर्शनी में लोगों को खुद चरखे पर सूत कातने और कुम्हार के चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाने का मौका मिलेगा। जिससे विद्यार्थियों और युवाओं को खादी निर्माण तथा पारंपरिक शिल्प की बारीकियां समझने में मदद मिलेगी।

बरसात ने डाला विघ्न
गुरुवार को सुबह से ही बरसात होने लगी। जिससे खादी महोत्सव की तैयारियां प्रभावित हुई। मैदान में भी जलभराव हो गया। जिसे नगर निगम की मदद से निकाला गया।