मेरठ: पूरे दिन जिला जज न्यायालय में खड़े किए गए तीन दारोगा, समय से आख्या नहीं देने का मामला
Meerut News: जिला जज अरविंद कुमार ने समय पर आख्या व विवेचना की जानकारी न देने पर तीन दारोगाओं को पूरे दिन न्यायालय में खड़ा रखा।

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
समय पर आख्या न देने पर जताई सख्त नाराजगी ।
व्यवहार व कार्यप्रणाली में सुधार लाने को कहा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। जिला जज अरविंद कुमार ने समय पर मांगी गई आख्या व विवेचना के बारे में सही जानकारी नहीं देने पर सख्त नाराजगी जताई। तीन दारोगाओं को पूरा दिन न्यायालय में खड़ा रखा गया। बाद में उन्हें आगे से गंभीरता बरतने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
जिला जज न्यायालय में तीन थानों के पैरोकार ने समय से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्रों पर आख्या नहीं दी। इसके अलावा आरोपितों का फौजदारी इतिहास भी प्रस्तुत नहीं किया। इससे इन प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं हो पा रही थी। इस पर न्यायालय ने कोतवाली के दारोगा अकरम खान, सरधना के दारोगा विजय चौहान एवं नौचंदी थाने के विवेचक सुमित विमल को न्यायालय में पेश होने का आदेश दिया।
गुरुवार को तीनों दरोगा न्यायालय में पेश हुए तो जिला जज ने नाराजगी जताई। उन्होंने तीनों दारोगाओं को न्यायालय कान्यायालय में तीन थानों के पैरोकार ने समय से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्रों पर आख्या नहीं दी। र्य अवधि में खड़ा रखने का आदेश दिया। शाम तक वह न्यायालय में खड़े रहे। इसके बाद जिला जज ने उन्हें मामले की गंभीरता समझने व आगे से व्यवहार व कार्यप्रणाली में सुधार लाने को कहा तथा चेतावनी देकर छोड़ दिया।
हत्यारे भाई को आजीवन कारावास, 20 हजार का जुर्माना
मेरठ : अपर जिला जज सुधाकर दुबे ने हत्या के आरोपित सगे भाई रिंकू शर्मा पुत्र सुनील शर्मा निवासी सुपर टेक ग्रीन विलेज थाना ब्रह्मपुरी मेरठ को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं अंकन 20 हजार रूपये के जुर्माने से दंडित किया।
सरकारी वकील आरती गर्ग के अनुसार वादी मुकदमा रिंकू शर्मा पुत्र सुनील शर्मा ने 3 दिसंबर 2023 को थाना ब्रह्मपुरी मेरठ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके साथ पिता व भाई विक्की शर्मा रहता है। 3 दिसंबर 2023 को जब पिताजी काम पर चले गए। भाई विक्की शर्मा घर पर अकेला था। इसी दौरान किसी ने घर में घुसकर गोली मार कर भाई की हत्या कर दी है। आरोपित रिंकू शर्मा ने ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने विवेचना की तो पता चला कि आरोपित ने ही अपने भाई को गोली मारकर हत्या की है। पुलिस ने उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाए। न्यायालय में सरकारी वकील आरती गर्ग ने केस को साबित करते हुए आरोपितों के खिलाफ सात गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपित रिंकू शर्मा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया।
