सोने-चांदी की दरों में उतार-चढ़ाव से आभूषण बाजार को झटका, जीएसटी कलेक्शन में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज
सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण मेरठ के आभूषण बाजार में खरीदार असमंजस में हैं, जिससे बिक्री में ...और पढ़ें

आबूलेन पर तनिष्क शोरूम में ज्वेलरी खरीदतीं राधा त्यागी। जागरण
HighLights
सोने-चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव से बाजार प्रभावित।
अगस्त में जीएसटी कलेक्शन में 16% की कमी आई।
जागरण संवाददाता, मेरठ। आभूषण बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण खरीदार असमंजस में हैं। जब दाम बहुत ज्यादा बढ़ते हैं, तो उपभोक्ता नई खरीदारी टाल देते हैं या कीमतें स्थिर होने का इंतजार करते हैं। बिक्री घटने से सीधे तौर पर जीएसटी कलेक्शन कम हुआ है अगस्त में पिछले साल की तुलना में जीएसटी कलेक्शन में 16 प्रतिशत की कमी आई है। अप्रैल 2026 की तुलना में जीएसटी कलेक्शन लगभग आधा रह गया है। बाजार की सुस्ती से आभूषण व्यवसायी भी चिंतित हैं। ब्रांडेड ज्वेलरी के बाजार में जरूर ग्रोथ का दावा है।
मेरठ आभूषण निर्माण और विक्रय का हब है। 20 कैरेट की ज्वेलरी में यहां के कारीगरों की विशेषज्ञता है। आभूषण सेक्टर में खरीद बिक्री में कमी इस सेक्टर से जुड़े चार हजार व्यापारियों और 50 हजार कारीगरों के लिए चिंता का विषय है। शनिवार को 24 कैरेट सोने का भाव 149150 प्रति दस ग्राम, चांदी का भाव 231000 प्रति किलोग्राम रहा। व्यापारी कारोबार में आई नरमी के पीछे सोने चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव व प्रधानमंत्री की अपील को कारण मान रहे हैं। अप्रैल 2026 में राज्यकर विभाग द्वारा जेम्स और आभूषण सेक्टर से जीएसटी के रूप में 12.36 करोड़ रुपये जमा हुए थे। पिछले साल के मुकाबले ग्रोथ 48 प्रतिशत थी।
अगस्त में यह साढ़े छह करोड़ रह गया। 2026-27 वित्तीय वर्ष में जेम्स और ज्वैलरी सेक्टर में एक अप्रैल से 31 अगस्त 48.04 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। राज्यकर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एचआर चौरसिया ने कहा कि जेम्स एंड आभूषण सेक्टर में पंजीकृत कई फर्मों से जमा होने वाला टैक्स संग्रह घटा है। पर अभी भी इसमें गत वर्ष के मुकाबले आठ प्रतिशत ग्रोथ है। सभी सेक्टरों को मिला कर कुल राजस्व में 10 प्रतिशत से अधिक का ग्रोथ है।
20 और 18 कैरेट की प्लेन गोल्ड ज्वेलरी की डिमांड
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि सोने और विशेषकर चांदी में रेटों में तेजी से उतार चढ़ाव आ रहा है। जौहरी बाजार व्यापार संघ के अध्यक्ष संत कुमार वर्मा ने बताया कि 40 ग्राम तक की पायल लेने वाले ग्राहक 20 ग्राम की मांग कर रहे हैं। तनिष्क के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक जैन ने बताया कि हमारी कंपनी 22 कैरेट की जगह 18 कैरेट की प्लेन गोल्ड की ज्वेलरी पर फोकस कर रही है।
