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लड्डू गोपाल खेलेंगे कैरम-लूडो और क्रिकेट, राजगढ़ी हिंडोले में झूलेंगे झूला, मेरठ में जन्माष्टमी की धूम

Published: Sat, 29 Aug 2026 06:43 PM (IST)

मेरठ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां भक्त लड्डू गोपाल के श्रृंगार और खिलौनों की खरीददारी में जुटे हैं।

लड्डू गोपाल के लिए खिलौने कैरम, लूडो, गिटार, क्रिकेट बैट के अलावा चश्मा और पानी की बोतल। जागरण

लड्डू गोपाल के लिए खिलौने कैरम, लूडो, गिटार, क्रिकेट बैट के अलावा चश्मा और पानी की बोतल। जागरण

HighLights

  1. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए लड्डू गोपाल के श्रृंगार की तैयारियां तेज।

  2. राजगढ़ी हिंडोला और खसखस की झोपड़ी इस बार विशेष आकर्षण।

  3. मेरठ के बाजारों में खिलौने और सजावटी सामान की खूब बिक्री।

जागरण संवाददाता, मेरठ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार आते ही चारों ओर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का संचार होने लगता है। विशेष रूप से बाल स्वरूप लड्डू गोपाल के भक्तों के लिए यह दिन बहुत खास होता है। घर-घर में नन्हे कान्हा के स्वागत और उनके दिव्य अलौकिक श्रृंगार को लेकर लोग तैयारी में जुट गए हैं।

कोई अपने कन्हैया के लिए पोशाक और श्रृंगार के सामान खरीद रहा है, तो कोई झूला। लड्डू गाेपाल के संग खेलने के लिए छोटे छोटे खिलौनों में कैरम, लूडो, क्रिकेट बैट, बैडमिंटन रैकेट, गुल्ली डंडा और झुनझुना शामिल है, तो जरकन की कारीगरी वाले गिटार व चश्मा भी खूब ट्रेंड में है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का सबसे भावुक और सुंदर रूप घर-घर में विराजे बाल स्वरूप लड्डू गोपाल हैं। हर भक्त अपने कान्हा को सबसे सुंदर, सबसे अलौकिक रूप में देखना चाहता है। यही वजह है कि पीतल और अष्टधातु के इन विग्रह को घर के मंदिर का राजा बनाने और उनके दिव्य श्रृंगार को लेकर श्रद्धालुओं में खूब उत्साह है।

बाजार भी कान्हा की सतरंगी पोशाकों, मोतियों जड़े मुकुट, बारीक नक्काशी वाले हार, नन्ही झुमकी, बाजूबंद, कड़े और रुनझुन करती पाजेब की खनक से सराबोर है। कान्हा की सांसों को सुर देने वाली छोटी सी बांसुरी से लेकर उन्हें प्रेम से झुलाने वाले नक्काशीदार झूले खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है।

मंदिर को देवलोक सा रूप देने के लिए सजावटी सामानों पर की बिक्री से कारोबार चमक उठा है। लाला का बाजार, सदर बाजार, शारदा रोड, गंगानगर समेत कई स्थानों पर पूजन एवं सजावट की सामग्री की खूब बिक्री हो रही है। इस दौरान अनुमानित तीन करोड़ रुपये से ज्यादा के उत्पादों की बिक्री होती है।

लाला का बाजार में अग्रवाल हैंडीक्राफ्ट और मुकेशचंद शर्मा की दुकान पर कोई अपने लड्डू गोपाल के लिए केश खरीदने पहुंच रहा है तो कोई मुकुट और मनपसंद झूला। झूले की सुंदरता के अलावा लोग आकार भी देख रहे हैं। झूले छह इंच ऊंचाई से लेकर 24 इंच अर्थात दो फीट तक के हैं।

मुकुट पर जरकन और मोतियों की सजावट लोगों को खूब भा रही है। इसमें भी मोरपंख लगे मुकुट की डिमांड ज्यादा है। इस बार मुकुट, हार, झुमके, बांसुरी, बाजूबंद व कमरबंद का पैक भी उपलब्ध है। इसी तरह सदर बाजार और गंगानगर में भी राधा, कान्हा एवं लड्डू गोपाल के श्रृंगार के सामान की खरीद के लिए लोग लगातार पहुंच रहे हैं।

लाला का बाजार में अग्रवाल हैंडीक्राफ्ट की संचालक पारुल अग्रवाल बताती हैं कि पीतल के लड्डू गोपाल का थोक दाम 1650 रुपये प्रति किलो, जबकि फुटकर में 1800 रुपये प्रति किलोग्राम वजन के अनुसार है।

इस बार सवा इंच के टिफिन भी लड्डू गोपाल के लिए विशेष रूप से तैयार कराकर मंगाए हैं। वहीं, दुकानदार मुकेशचंद शर्मा का कहना है कि साइज के हिसाब से झूले, सोफा के अलावा इस बार खसखस से बनी झोपड़ी खास हैं।

सदर बुंदेला में पूजन सामग्री व श्रृंगार के सामान विक्रेता भव्य कंसल ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए लड्डू गोपाल के खिलौनों के अलावा उनके यहां राजगढ़ी हिंडोला खास है। ज्यादा से ज्यादा डिजाइन में श्रृंगार सामग्री मंगाई हुई है।

श्रृंगार के सामान और कीमत

श्रृंगार के सामान कीमत
माला 10 से 750 रुपये तक
मुकुट 10 से 350 रुपये
टाप्स पांच से 50 रुपये
बांसुरी पांच से 350 रुपये
चंद्रिका 100 से 350 रुपये
कड़े 10 से 150 रुपये
कमरबंद 10 से 50 रुपये
पाजेब 20 से 100 रुपये
पोशाक 10 से 1500 रुपये