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अवैध निर्माण होते रहे और जिम्मेदार सोते रहे; मेडा और आवास विकास परिषद की भूमिका पर छिड़ी बहस

By Pradeep Diwedi Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 29 Sep 2026 05:59 AM (IST)

मेरठ में अवैध निर्माणों के बढ़ते जाल के पीछे मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) और आवास विकास परिषद की भूमिका पर ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो।

प्रतीकात्मक फोटो। 

HighLights

  1. मेडा और आवास विकास परिषद की निष्क्रियता से अवैध निर्माण बढ़े।

  2. स्वीकृत कॉलोनियों में महंगे प्लॉट, लोग अवैध की ओर आकर्षित।

  3. नई टाउनशिप व व्यावसायिक परिसर उपलब्ध कराने में निकाय विफल।

जागरण संवाददाता, मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के अवैध निर्माणों व कालोनियों को ध्वस्त करने के आदेश के बीच यह चर्चा छिड़ गई है कि अगर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) व आवास विकास परिषद ने आवश्यकता के अनुरूप विकास किए होते तो अवैध कालोनियों व अवैध शापिंग कांप्लेक्सों की ऐसी भीड़ न होती। 35 साल पहले विकास प्राधिकरण ने कई टाउनशिप विकसित की थी, उसमें अब जगह नहीं बची है।

शताब्दीनगर व लोहियानगर का विधिवत विकास न होने से यहां आवंटन के बाद भी प्लाट खाली पड़े हैं। दूसरी तरफ शहर का लगातार विस्तार हो रहा है। मानचित्र स्वीकृत कराकर कालोनी विकसित करने वाले बिल्डर कम हैं और उनमें प्लाट भी महंगे हैं ऐसे में लोग अवैध कालोनियों में प्लाट लेकर निर्माण कर रहे हैं।

यही कारण है कि खेतों में फसल की जगह कालोनियां उग रही हैं। आवास विकास परिषद ने भी कई दशक से कोई नई टाउनशिप विकसित नहीं की है। दोनों निकायों की ओर से कोई आवश्यकता को देखते हुए शापिंग कांप्लेक्स और बाजार विकसित नहीं किया गया।

विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की गई कालोनियां
पल्लवपुरम फेस-वन
पल्लवपुरम फेस-टू
श्रद्धापुरी फेस- वन
श्रद्धापुरी फेस-टू

सैनिक विहार
लेहियानगर
वेदव्यासपुरी
बेगमबाग

शताब्दीनगर
रक्षापुरम
पांडवनगर
डिफेंस एन्क्लेव

गंगानगर
गंगानगर एक्सटेंशन
आलोक विहार
मेजर ध्यानचंद नगर
एयरपोर्ट एन्क्लेव

मोहनपुरी

विकास प्राधिकरण का बाजार क्षेत्र-शापिंग कांप्लेक्स
-कोई नहीं

आवास एवं विकास परिषद द्वारा विकसित की गई कालोनियां
शास्त्रीनगर
जागृति विहार

जागृति विहार एक्सटेंशन
माधवपुरम
मंगलपांडे नगर

विकास पुरी


आवास एवं विकास परिषद मेरठ द्वारा विकसित बाजार
-सेंट्रल मार्केट
-जागृति विहार सेक्टर आठ स्थित गोल मार्केट
-ट्रांसपोर्ट नगर

दिल्ली रोड पर 294 हेक्टेयर में न्यू टाउनशिप प्रस्तावित है
मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से दिल्ली रोड पर 294 हेक्टेयर में न्यू टाउनशिप प्रस्तावित है। इसके लिए मोहिउद्दीनपुर, इकला, छज्जूपुर व कायस्थ गांवड़ी गांव से भूमि खरीद जारी है। इसमें शापिंग कांप्लेक्स के साथ ही फ्लैटेड फैक्ट्रियों के लिए भी स्थान रहेगा। वहीं पूर्व में विकसित की गई टाउनशिप में व्यावसायिक स्थलों के लिए पर्याप्त स्थान आरक्षित है।-संजय कुमार मीना, उपाध्यक्ष, मेडा।

12 गांवों की भूमि चिह्नित की गई है
आवास एवं विकास परिषद की ओर से नई टाउनशिप के लिए जल्द ही भूमि खरीद शुरू होगी। इसके लिए जुर्रानपुर समेत 12 गांवों की भूमि चिह्नित की गई है।-अनिल कुमार सिंह उप आवास आयुक्त आवास एवं विकास परिषद मेरठ

विकास प्राधिकरण और आवास-विकास परिषद ने अगर अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो अवैध निर्माणों की भरमार न होती। पहली नाकामी आवश्यकता के अनुसार आवास एवं व्यावसायिक न देना है। दूसरी नाकामी अवैध निर्माण होने के समय रोक नहीं लगाई। शहर का विस्तार हो रहा है और नई जरूरतें बढ़ रही हैं इसके लिए निजी क्षेत्र की तरफ लोग देख रहे हैं, सरकारी निकाय फेल हैं।
-अंकित अग्रवाल, अध्यक्ष, उप्र आर्किटेक्ट एसोसिएशन।