मेरठ, जेएनएन। मेरठ में मंडलायुक्त के निर्देश पर निजी कोविड अस्पतालों की जांच के लिए बनी टीम शनिवार से एक्शन में आ गई। एसीएमओ डा. एसके शर्मा व डा. अशोक कटारिया ने दस निजी अस्पतालों में पहुंचकर मानकों की जांच की। इन अस्पतालों में मानकों के सापेक्ष कई कमियां मिलीं। उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी बोर्ड पर लिखी मिली, लेकिन अक्षर साफ नहीं थे। सीएमओ ने सभी अस्पतालों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। साथ ही, दस मरीजों को अस्पताल से छुट्टी करने के लिए कहा गया, जिन्हें ठीक होने के बाद भी भर्ती रखा गया था।

सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि जिले में कुल 30 कोविड अस्पताल हैं, जिसमें छह सरकारी एवं 24 प्राइवेट हैं। गत दिनों निजी अस्पतालों को कैंपस में बोर्ड लगाकर मरीजों के लिए जा रहे चार्ज, भर्ती मरीजों की संख्या, आक्सीजन एवं रेमेडेसिविर की उपलब्धता लिखने के लिए कहा गया था। दो डाक्टरों की टीम ने दस निजी अस्पतालों की जांच की, जिसमें बोर्ड पर रेट लिस्ट छोटा सा लिखा था।

आक्सीजन की उपलब्धता कागज पर लिखकर चस्पा की गई थी, जबकि इसे बड़े अक्षरों में लिखने के लिए कहा गया था। आक्सीजन की उपलब्धता को लेकर कई अस्पतालों ने जानकारी नहीं दी थी। डयूटी करने वाले डाक्टरों की संख्या की भी जानकारी नहीं दी गई थी। रेमेडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता को लेकर संशय बना रहा। सीएमओ ने कहा कि सभी निजी अस्पतालों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है,साथ ही सोमवार से अस्पतालों की नियमित जांच की जाएगी।