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नकली सिगरेट फैक्ट्री मामले में हस्तिनापुर एसओ और स्वाट प्रभारी सवालों के घेरे में, डीआईजी ने दिए मामले की जांच के आदेश

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 18 Oct 2026 02:16 PM (IST)

मेरठ में नकली सिगरेट फैक्ट्री मामले में संतोषजनक कार्रवाई न होने पर हस्तिनापुर एसओ और स्वाट प्रभारी सवालों के घेरे ...और पढ़ें

शैलेश तोमर व कमल द्विवेदी।

शैलेश तोमर व कमल द्विवेदी।

HighLights

  1. नकली सिगरेट फैक्ट्री मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल।

  2. हस्तिनापुर एसओ, स्वाट प्रभारी की भूमिका की जांच।

  3. डीआईजी ने सीओ सरधना को सौंपी मामले की जांच।

जागरण संवाददाता, मेरठ। आइटीसी कंपनी की नकली सिगरेट बनाने का कारखाना पकड़े जाने के बाद संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर हस्तिनापुर एसओ और देहात के स्वाट प्रभारी सवालों के घेरे में हैं। घटना के डेढ़ माह बाद भी केवल एक आरोपित गिरफ्तार हुआ, जबकि तीन के वारंट जारी किए गए। किसी के खिलाफ इनाम भी घोषित नहीं किया गया।

कारखाने के स्वामी को मौके से छोड़ दिया गया था। इससे विवेचना पर सवाल खड़े हुए हैं। डीआइजी कलानिधि नैथानी ने सीओ सरधना आशुतोष कुमार को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। स्पष्ट कर दिया कि इसमें किस-किस की भूमिका संदेह के दायरे में है। कारखाना संचालन में कौन-कौन मिला हुआ था। अभी तक आरोपितों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। इनाम या सभी के वारंट जारी क्यों नहीं किए गए। सीओ की रिपोर्ट के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हस्तिनापुर के दूधली खादर में सुंदरपाल के डिग्री कालेज के भवन में आइटीसी कंपनी की नकली सिगरेट बनाने का कारखाना पुलिस ने तीन सितंबर को पकड़कर डेढ़ करोड़ की सिगरेट, दो करोड़ का कच्चा माल और पांच करोड़ की मशीनें बरामद की थीं। कारखाने का मालिक दिल्ली निवासी रवि कुमार है जबकि संचालन रवि किशोर निवासी नेहरू नगर दक्षिण दिल्ली कर रहा था।

पुलिस ने रवि किशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि हस्तिनापुर के दीपक व तरुण भाग गए थे। मालिक रवि कुमार, तरुण और दीपक समेत छह आरोपित पकड़ से दूर हैं। थाना प्रभारी हस्तिनापुर कमल द्विवेदी और देहात के स्वाट प्रभारी शैलेंद्र कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे है।