मेरठवासी ध्यान दें! एक लाख से ज्यादा बिजली मीटरों की मियाद होने वाली है खत्म, समय पर नहीं बदले तो गुल हो सकती है बत्ती
Meerut News: मेरठ में एक लाख EESL मीटरों का अनुबंध समाप्त हो रहा है, जिन्हें बदलने की धीमी गति से भविष्य में घंटों बिजली कटौती का खतरा है।

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मेरठ में एक लाख EESL मीटरों की अनुबंध अवधि समाप्त हो रही है।
समय पर न बदलने से भविष्य में घंटों बिजली आपूर्ति हो सकती है बाधित।
जागरण संवाददाता, मेरठ। शहर में एक लाख मीटरों का अनुबंध और वारंटी की अवधि इस वर्ष समाप्त हो रही है। ईईएसएल कंपनी के इन मीटरों को अगर समय पर नहीं बदला गया तो फाल्ट होने पर घंटो बिजली बाधित रहने की संभावना है।
विद्युत नगरीय वितरण खंड द्वारा इन मीटरों को बदलने की कार्रवाई चल रही है, लेकिन एक दिन में 100 मीटर भी नहीं बदल पा रहे हैं। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के यहां यह मीटर लगे हैं अगर कोई तकनीकि खराबी आती है तो भविष्य में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित होने का अंदेशा है।
ईईएसएल मीटर को वर्ष 2018 से लगना शुरु हुए थे। इनका अनुबंध पहले पांच साल का था बाद में इसे बढ़ा कर आठ साल कर दिया गया है। यह अवधि वर्ष 2026 के अंत तक समाप्त हो रही है। अनुबंध समाप्त होने के बाद कंपनी का सर्वर बंद हो जाएगा।
ऐसे बिजली आपूर्ति जो अभी रीमोट के माध्यम से जुड़ जाती है, वह व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। अगर आंधी, बरसात या वोल्टेज के उतार चढ़ाव के चलते मीटर में कोई फाल्ट होता है। तो बिना मीटर बदले सप्लाई आरंभ नहीं हो पाएगी।
वहीं उपभोक्ता नए मीटर लगवाने को तैयार नहीं हो रहे हैं। जबकि यह मीटर विभाग द्वारा निश्शुल्क बदले जा रहे हैं। लोगों को लग रहा है कि नए मीटर में रीडिंग ज्यादा आ रही है। या यह प्रीपेड हैं।
मुख्य अभियंता रजनीकांत मिश्र ने बताया कि एक लाख 10 हजार मीटर बदले जाने हैं। इतनी बड़ी संख्या मेंं मीटर तभी निर्धारित समय में बदले जा सकेंगे, जब प्रतिदिन तीन सौ से अधिक मीटर लगाए जाएं। जबकि लोगों के विरोध के चलते अभी केवल 100 मीटर प्रतिदिन लग पा रहे हैं।
