चेहरे पर चोट के निशान से गहराया था पुलिस का शक, परिवार-पत्नी के इनकार के बावजूद थाना प्रभारी ने जबरन कराया था पोस्टमार्टम
रविता और अमरदीप को अमित की हत्या के मामले में मृत्युदंड सुनाया गया है। पुलिस विवेचना और अदालत की कार्रवाई ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
रविता और अमरदीप को अमित हत्याकांड में मृत्युदंड।
पुलिस ने चोट के निशान देख पोस्टमार्टम कराया।
कॉल डिटेल से प्रेम प्रसंग और हत्या का खुलासा।
सुशील कुमार, मेरठ। 71 दिनों की पुलिस विवेचना और अदालत की 478 दिनों की कार्रवाई के बाद रविता और अमरदीप को अदालत ने मृत्युदंड दिया। मामले में तत्कालीन बहसूमा थाना प्रभारी और केस की विवेचक दारोगा इंदू वर्मा की भूमिका भी अहम साबित हुई। सांप के काटने पर सरकार से आर्थिक मदद मिलने की बात कहने पर परिवार तैयार हुआ, लेकिन रविता ने फिर भी इन्कार किया था।
बावजूद उन्होंने अमित के शव का जबरन पोस्टमार्टम कराया था। दो दिन बाद आई रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या होना आया। इसके बाद मुकदमा दर्ज कर रविता-अमरदीप को गिरफ्तार किया गया था। इंदू वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर वह गांव पहुंची थीं। वहां स्वजन अमित के शव के पास विलाप कर रहे थे और अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी।
मिलकर दिया हत्याकांड को अंजाम
इसी दौरान उन्होंने देखा कि अमित की नाक के पास चोट के निशान बने हैं। फिर उन्होंने शव से कपड़ा हटाकर देखा तो गले पर भी निशान दिखाई दिए। तब उन्होंने स्वजन से शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। उसके बाद इसका राजफाश हुआ। इंदू वर्मा ने रविता और अमरदीप की काल डिटेल को प्रेम प्रसंग का आधार बनाया। 12 गवाहों की गवाही ने साबित किया कि रविता व अमरदीप ने मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता फरजाना मकसूद ने बताया कि अमित की हत्या के बाद रविता व अमरदीप के बीच फोन पर 51 बार बात हुई। इससे साबित हो गया कि दोनों में प्रेम संबंध थे। हालांकि रविता ने अदालत में दावा किया कि जिस नंबर पर अमरदीप से बातचीत हुई, वह अमित इस्तेमाल कर रहा था और उसने अमरदीप को कोई काल नहीं की, जबकि अमित की मौत के बाद 51 बार दोनों में बात हुई थी।
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अमित की मां मुनेश ने गवाही दी कि घटना की रात रविता के पास से अमरदीप को बाहर जाते हुए देखा था। उन्होंने यह भी बताया कि रविता व अमरदीप को पहले आपत्तिजनक स्थिति में देखा था, लेकिन परिवार की इज्जत के कारण मामला दबा दिया था।
एडीजीसी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित के शरीर पर सर्पदंश का कोई निशान नहीं मिला। सांप देनेवाला प्रीतम नाथ ने कोर्ट को बताया था कि उसने पूजा के लिए बूढ़ा घोड़ापछाड़ सांप दिया था। यह सांप जहरीला नहीं होता।
