मेरठ के शास्त्री नगर में फिर 'बुलडोजर एक्शन', 6 संपत्तियां आंशिक रूप से ध्वस्त; यह देख भवन स्वामियों के बहने लगे आंसू
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मेरठ के शास्त्री नगर में आवास एवं विकास परिषद ने छह अवैध संपत्तियों ...और पढ़ें
HighLights
पांच व्यावसायिक और एक स्कूल की इमारत पर हुई कार्रवाई।
तीन मंजिला ऊंची संपत्तियों को तुड़वाने में अधिकारियों को छूटे पसीने।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आवास एवं विकास परिषद ने आधा दर्जन संपत्तियों में बुधवार को तोड़फोड़ की कार्रवाई की। इनमें एक इमारत शास्त्रीनगर सेक्टर तीन स्थित शाहीन स्कूल की है। बिना मानचित्र के निर्मित इन संपत्तियों को तोड़ने में अधिकारियाें को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान प्रभावित परिवारों के कई सदस्यों की आंखों में आंसू बहने लगे।
सुबह छह बजे से ही सेंट्रल मार्केट और गुरुद्वारा रोड को बैरीकेडिंग कर पूरी तरह आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई। शाम चार बजे तक कार्रवाई चलती रही। कार्रवाई के दौरान एहतियात के तौर पर बिजली काट दी गई। इसके चलते शास्त्री नगर के सेक्टर-1, सेक्टर-2, सेक्टर-3, सेक्टर-5, सेक्टर-6, सेक्टर-7 और आरटीओ रोड स्थित सेक्टर-9 में बिजली गुल रही। बिजली न आने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित रही। सुबह से बिजली और पानी नहीं आने से लोग परेशान हो उठे।
मालिकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए जारी किया था नोटिस
14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने 44 संपत्तियों को मूल आवासीय मानचित्र के अनुरूप करने और इसके लिए अवैध निर्मित भाग तोड़ने के आदेश दिए थे। यह वह संपत्तियां जिनमें आवासीय भूखंडों का पूर्ण रूप से व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। परिषद ने 15 दिन में मालिकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया था।
इसके बाद निर्माण न तोड़ने पर स्वयं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की चेतावनी दी थी। वर्तमान में कई निर्माण ऐसे हैं जिन्होंने अवैध निर्माण तोड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की थी। बुधवार को जिन संपत्तियों को कार्रवाई के लिए चुना गया उनका आवासीय मानचित्र भी स्वीकृत नहीं था। 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई है। परिषद को अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखनी है। जिसके चलते कार्रवाई को लेकर भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अमला तैनात रहा।
पुलिस ने मंगलवार की देर रात ही क्षेत्र की घेराबंदी शुरु कर दी थी। सुबह होते-होते सेंट्रल मार्केट और गुरुद्वारा रोड की ओर आने वाले हर मार्ग पर बैरेकेडिंग कर पुलिस ने आवागमन रोक दिया। स्कूल जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। साढ़े सात बजे सुबह परिषद के जेसीबी मशीन पहुंची और तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरु हुई।
यहां हुआ ध्वस्तीकरण
सबसे पहले शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट 12/2 और उसके सामने स्थित 670/6 पर कांप्लेक्स में कार्रवाई शुरु की गई। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में ही 492/3, 498/3 पर निर्मित कांप्लेक्स और गुरुद्वारा राेड शास्त्रीनगर 697/2 पर स्थित जिम पर कार्रवाई हुई। इन इमारतों का फ्रंट एलीवेशन, रेलिंग, सामने के छज्जे बाहरी हिस्सा तोड़ा गया। 12/2 में श्री फास्टफूड की पहली मंजिल पर हुए निर्माण को पूरी तरह तोड़ दिया गया।
कार्रवाई का विरोध किया
संयुक्त मेरठ बचाओ आंदोलन समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर और नितेश पंवार ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया लेकिन पुलिस और प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का हवाला देकर उन्हें शांत कर दिया। एडीएम सिटी ब्रजेश सिंह, एसपी सिटी विनायक भोसले, एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव समेत पुलिस प्रशासन और परिषद के अधिकारी मौजूद रहे।
उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई की गई है। नोटिस और बार बार अनुरोध के बावजूद अवैध निर्मित भाग नहीं तोड़ा गया। जिन संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनके आवासीय मानचित्र भी नहीं है।
