10 दुकानों की 200 मीटर जमीन में अटक कर रह गया मेरठ-दिल्ली रोड का चौड़ीकरण... शहर की जनता भुगत रही खामियाजा
मेरठ में दिल्ली रोड का चौड़ीकरण 10 दुकानों की 200 मीटर जमीन अधिग्रहण में छूट जाने से अटक गया है, ...और पढ़ें

दिल्ली रोड पर जगदीश मंडप के सामने छूटे खसरों में बनी दुकानें तथा अन्य भवन। जागरण
HighLights
दिल्ली रोड चौड़ीकरण 10 दुकानों की जमीन के कारण रुका।
200 मीटर जमीन अधिग्रहण प्रस्ताव में शामिल नहीं की गई।
अधिकारियों की अनदेखी से जनता को जाम का खामियाजा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन कारिडोर निर्माण से संकरी हुई दिल्ली रोड के चौड़ीकरण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है, लेकिन चौड़ीकरण अभी भी नहीं हो सकेगा। दरअसल चार खसरों में बनी 10 दुकानों की 200 जमीन अधिग्रहण प्रस्ताव में शामिल होने से छूट गई है। इसकी जानकारी होने के बाद भी अधिकारियों ने जमीन खरीद के लिए प्रयास नहीं किया, जिसका खामियाजा शहर की जनता जाम में फंसकर भुगत रही है।
दिल्ली रोड पर जगदीश मंडप से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर के प्रवेश द्वार तक जाम की समस्या है।नमो भारत और मेरठ मेट्रो ट्रेन के कारिडोर निर्माण से यह सड़क संकरी हो गई जिसके बाद जाम की समस्या बन गई। एनसीआरटीसी ने दोनों ओर नाले को तीन तीन मीटर शिफ्ट करके सड़क का चौड़ीकरण करने की योजना बनाई थी।जिला प्रशासन की मदद से कुल 70 भवनों, दुकानों और भूखंडों में से आवश्यक जमीन का अधिग्रहण भी किया है।भवन मालिकों को पैसा भी दे दिया गया है।वे निर्माण हटाकर जमीन खाली कर रहे हैं।
छूट गए चार खसरे, अभी नहीं होगा सड़क चौड़ीकरण
अधिग्रहण होने के बाद भी अभी शहर की जनता को जाम से निजात नहीं मिल पाएगी। कारण है कि जगदीश मंडप के सामने सड़क की दूसरी ओर चार खसरा संख्या में दस दुकानें बनी हैं।जिनमें 200 मीटर भूमि को एनसीआरटीसी ने अपने अधिग्रहण प्रस्ताव में शामिल ही नहीं किया।जबक इन दुकानों के सामने सड़क की चौड़ाई सबसे कम है तथा इनकी जमीन मिले बिना सड़क चौड़ीकरण सभव नहीं है।
इस भूल की जानकारी भी अधिकारियों को छह महीने से ज्यादा समय से है लेकिन अभी इसे सुधारने का भी कोई प्रयास नहीं किया गया।एडीएम भूमि अध्याप्ति नवीन चंद का कहना है कि एनसीआरटीसी के प्रस्ताव के मुताबिक अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है।एनसीआरटीसी के अधिकारी इस छूटी जमीन को सीधे खरीद करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से इसके लिए कोई सहयोग नहीं मांगा है। वहीं एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि इस मामले की जानकारी नहीं है। शीघ्र इस बारे में अवगत कराया जाएगा।
