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'तुम्हारे आतंकी से संबंध हैं'... किसान को NIA अधिकारी बनकर किया 'डिजिटल अरेस्ट', 30.80 लाख रुपये ठगे 

By Lokesh Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 25 Aug 2026 04:43 PM (IST)

Meerut News: मेरठ में साइबर ठगों ने एक किसान को डिजिटल अरेस्ट कर 30.80 लाख रुपये ठग लिए।वहीं, एक वृद्ध दंपती से भी 6.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई।

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. किसान को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया

  2. अन्य मामले में दंपती से 6.25 लाख की ठगी।

जागरण संवाददाता, मेरठ। पल्लवपुरम के गांव दुल्हेडा निवासी एक किसान को आतंकवादियों से संबंध बताकर साइबर ठगों ने डराया। उसे तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इसके बाद साइबर ठगों ने उसके खाते से 30.80 लाख रुपये उसके खाते से ट्रांसफर करा लिए। थाना साइबर क्राइम पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

पल्लवपुरम के दुल्हेडा निवासी आनंद पाल ने बताया कि 16 अगस्त दोपहर में उनके मोबाइल पर एक वाट्सएप काल आयी। खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अधिकारी बताने वाले अजय मेहता ने कहा कि वह आतंकवादी आसिफ से मिले हुए है। उसने इन्कार किया तो अजय मेहता ने उसे, बेटे व बेटी तथा स्वजन काे जेल भेजने की धमकी दी।

बचना चाहते तो उसे रुपया दो। आनंद पाल ने बताया कि वह बीमार था। अजय मेहता ने उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया। वाट्स वीडियो काल पर रहने को कहा। किसी ओर को बताने व जानकारी देने पर तत्काल वारंट जारी करने व उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी। तीन दिन तक उसे आरोपित ने डिजिटल अरेस्ट रखा।

डरे आनंद पाल ने 19 अगस्त को अपने एसबीआइ अकाउंट से 30.80 लाख रुपये आरटीजीएस से साइबर ठगों के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी 20 अगस्त को साइबर ठगों ने दुबारा फोन कर 15 लाख रुपये मांगे। उसने इन्कार किया तो उसे डराया धमकाया गया। उसने स्वजन व दोस्तों को बताया तो उन्होंने साइबर ठगी होने की बात कही। आनंद पाल ने थाना साइबर क्राइम जाकर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पेंशन का झांसा देकर वृद्ध दंपती के 6.25 लाख रुपये ठगे

मेरठ : पल्लवपुरम के तिरुपति गार्डन निवासी अखिलेश चंद वशिष्ठ ने बताया कि 10 जून को उसकी पत्नी वीना वशिष्ठ के मोबाइल पर काॅल आई। वह दिल्ली में एक हास्पिटल में उपचार करा रही थी। काॅल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि सीनियर सिटीजन के लिए पेंशन प्लान आया है। मेडिकल सहायता के लिए 50 प्रतिशत राशि दी जाएगी।

काॅल करने वाले ने पत्नी को झांसे में लेकर उनका आधार व पेन कार्ड की जानकारी ले ली। उन्होंने जानकारी दे दी। 21 अगस्त को वह अपनी पांच लाख रुपये की एक एफडी पूरी होने पर भुगतान के लिए बैंक गए। उन्होंने एफडी देकर भुगतान मांगा तो मैनेजर ने बताया कि इस एफडी का पहले ही भुगतान उनके खाते में ट्रांसफर किया जा चुका है।

एफडी की राशि समेत उनके खाते का 6.25 लाख रुपया 11 जून से तीन बार में निकाला जा चुका है। अखिलेश चंद यह सुनकर सदमे में आ गए। उन्होंने थाना साइबर क्राइम जाकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।