मेरठ, जागरण संवाददाता। Meerut Crime News मेरठ में विजयादशमी के अवसर पर खुद को सेंट्रल इंवेस्टिगेशन सर्विस (सीआइएस) का अधिकारी बताकर परतापुर औद्योगिक क्षेत्र में जांच करने पहुंचे दो युवकों ने यहां उद्यमी को डराने का प्रयास किया। अवकाश के दिन टीम को इस तरह से जांच के लिए युवकों को आया देख उद्यमी भी सतर्क हो गए। सवाल पूछने पर युवक औद्योगिक क्षेत्र से गायब हो गए।

जांच करने की बात कही

उद्यमियों ने प्रकरण की शिकायत अधिकारियों से की है। बुधवार को विजयादशमी का अवकाश होने के बाद भी खुद को सीआइएस का अधिकारी बताकर दो युवक परतापुर औद्योगिक क्षेत्र में पहुंचे। यहां एक उद्यमी की फैक्ट्री पर पहुंचकर जांच करने की बात कही। अवकाश होने के कारण फैक्ट्री में कोई उद्यमी मौजूद नहीं था। यहां तैनात कर्मचारी ने फैक्ट्री में प्रवेश देने से मना कर दिया।

फिर आने की दी धमकी

इसके बाद दोनों युवक पड़ोस में स्थित एक अन्य फैक्ट्री पर पहुंचे। यहां मौजूद लोगों ने इस तरह से अवकाश के दिन टीम आने व जांच करने को लेकर विरोध जताया और उनके विभाग को लेकर सवाल पूछने शुरू कर दिए। जिस पर युवक घबरा गए और फिर आने व कार्रवाई करने की धमकी देकर चले गए। प्रकरण की जानकारी होने पर आइआइए के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने प्रकरण को डीएम के संज्ञान में डाला।

धमकाकर उगाही की कोशिश

साथ ही श्रम विभाग डिप्टी लेबर कमिश्नर राजीव सिंह और असिस्टेंट डायरेक्टर फैक्ट्रीज रवि प्रकाश सिंह से भी शिकायत की। दोनों अधिकारियों ने ऐसा कोई विभाग होने व किसी टीम को जांच के लिए भेजने से मना कर दिया। चेयरमैन ने बताया कि कुछ लोग उद्यमियों को धमका कर उगाही करने का प्रयास कर रहे हैं। इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उद्यमी इस संबंध में गुरुवार को बैठक करेंगे और आगे की रणनीति पर विचार मंथन के बाद निर्णय लिया जाएगा।

इनका कहना है

औद्योगिक क्षेत्र में जांच के लिए पहुंचे युवकों से श्रम विभाग को कोई संबंध नहीं है और न ही कोई टीम जांच के लिए भेजी गई है।

- राजीव कुमार सिंह, डिप्टी लेबर कमिश्नर

Edited By: PREM DUTT BHATT

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