मेरठ के सर्किट हाउस में मधुमक्खियों के हमले में 20 घायल; ऐसा हाेते ही सबसे पहले क्या करने को कहते हैं डॉक्टर?
Meerut News: मेरठ के सर्किट हाउस में मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे अफरातफरी मच गई। बैठक कक्ष ...और पढ़ें

सर्किट हाउस में मधुमक्खियों के हमले से बचने का प्रयास करते लोग। सौ. सोशल मीडिया
HighLights
घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया, बुरी तरह घायल अभिनव नामक युवक बेहोश।
बैठक कक्ष तक मधुमक्खियां नहीं पहुंचीं, दहशत के कारण अधिकारी एक घंटे तक अंदर ही रहे।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सर्किट हाउस में अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने लोगों पर हमला बोल दिया। कुछ लोगों ने किचन में घुसकर जान बचाई तो कुछ कमरे में जा घुसे। कुछ लोग सर्किट हाउस से बाहर निकलकर ढाबे में घुस गए लेकिन मधुमक्खियां पीछा करती हुई वहां तक भी पहुंच गई। डीआइजी आफिस तक अफरातफरी मची रही।
हमले में करीब 20 लोग घायल हो गए, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। बुरी तरह घायल अभिनव नामक युवक बेहोश हो गया। मौके पर पहुंची सिविल लाइंस पुलिस ने उसे लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया। फायर ब्रिगेड की टीम ने पानी की बौछार कर मधुमक्खियों को हटाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक मधुमक्खियों ने उत्पात मचाया, जिससे क्षेत्र में दहशत छा गई।
चल रही थी बैठक, एक घंटे तक अंदर रहे अधिकारी
सोमवार को नंगला बट्टू निवासी अभिनव, शास्त्रीनगर निवासी उन्नत, साकेत निवासी मोहित कुमार और अन्य युवक सर्किट हाउस में रील बना रहे थे। शाम करीब तीन बजे अचानक एक पेड़ पर लगे छत्ते से उड़ी मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। लोग इधर-उधर भाग निकले। इस दौरान सर्किट हाउस में अधिकारियों की बैठक भी चल रही थी। हालांकि, बैठक कक्ष तक मधुमक्खियां नहीं पहुंचीं, लेकिन दहशत के कारण अधिकारी एक घंटे तक अंदर ही कैद रहे।
सबसे पहले डंक निकालें, फिर डाक्टर को दिखाएं : डा. तनुराज
वरिष्ठ फिजिशियन डा. तनुराज सिरोही के अनुसार, मधुमक्खी के काटने पर सबसे पहले डंक को निकालना चाहिए। इसके बाद डाक्टर के पास जाएं। प्रभावित स्थान को साबुन और साफ पानी से धोकर ठंडी पट्टी या कपड़े में लपेटकर बर्फ लगाएं।
इससे दर्द और सूजन में राहत मिलती है। डंक वाली जगह को खुजाने या जोर से दबाने से बचें। चक्कर-उल्टी आने, उल्टी होने या कमजोरी महसूस होने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। सांस लेने में परेशानी, गले या जीभ में सूजन अथवा बेहोशी गंभीर एलर्जी के संकेत हो सकते हैं।
इन्होंने कहा
मधुमक्खियों के छत्ताें हटवाने को लेकर वन विभाग को सूचना दी गई है। मंगवलार को पत्र भी जारी किया जाएगा।-सचिन सिंघल सहायक अभियंता लोनिवि निर्माण
