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120 की रफ्तार, मोबाइल पर बात... एक पल की चूक के कारण मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर हुईं तीन मौत

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 21 Oct 2026 05:35 PM (IST)

Meerut News: मेरठ में हाईवे पर तेज रफ्तार कार चालक द्वारा मोबाइल पर बात करने से हुए हादसे में तीन ...और पढ़ें

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HighLights

  1. मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर खरखौदा बाईपास क्षेत्र में हादसे में तीन की मौत।

  2. संतुलन बिगड़ने से कार हुई बेकाबू, डिवाइडर से टकराकर दूसरी ओर पहुंची ।

जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही कार में मोबाइल पर बात करना चालक अनस को भारी पड़ गया। संतुलन बिगड़ने से कार बेकाबू हो गई और डिवाइडर से टकराने के बाद हवा में उछलकर दूसरी ओर जा पहुंची। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई।

गांव जेई निवासी मुस्तफा के बेटे जीशान का निकाह एक साल पहले गौतमबुद्धनगर के गांव कलौंदा में हुआ था। मंगलवार दोपहर 12 बजे जीशान, अपनी बड़ी बहन अजरा, चाचा मोबिन, छोटी बहन इशरत, दो बच्चे और अजरा का देवर सुहैल गांव के मोहम्मद साहब की ईको वैन से गौतमबुद्धनगर के लिए निकले। वैन साहब चला रहे थे। एक बजे इनकी वैन हाईवे के खरखौदा बाईपास के मढैया कट के पास पहुंची थी।

बताया गया कि इसी दौरान हापुड़ की ओर से स्विफ्ट कार में घर लौट रहा लालकुर्ती के हंडिया मुहल्ला निवासी अनस मोबाइल पर बात करते हुए संतुलन खो बैठा। तेज रफ्तार कार डिवाइडर पार कर दूसरी ओर आकर पलट गई और वैन से भिड़ गई। इससे वैन भी दो बार पलटी। वैन चालक 35 वर्षीय साहब, उनके पास बैठे 60 वर्षीय मोबिन और पीछे बैठी 32 वर्षीय इशरत की मौत हो गई।

जीशान, इशरत का पांच वर्षीय बेटा, अजरा व उसकी तीन वर्षीय बेटी तथा सुहैल घायल हैं। पुलिस ने खिड़की काटकर कार चालक अनस को बाहर निकाला। घायलों को एमसीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस मामले में सामने से आ रही इको में सवार लोगों ने बताया कि अचानक कार उनके सामने आ गई। इसके बाद उन्हें कुछ पता नहीं चला कि वे कहां पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद लोग मौके पर दौड़े। चालक अनस कार के भीतर फंसा हुआ था। खिड़की तोड़ने के बाद ही उसे बाहर निकाला जा सका। एसपी यातायात राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि हादसे में यातायात के नियमों की अनदेखी की गई। चलती कार में मोबाइल पर बातचीत करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। 

जेई गांव से मर्चरी पर दौड़े लोग

मुस्तफा की बेटी इशरत, भाई मोबिन और चालक साहब की मौत की सूचना जेई गांव पहुंची तो परिवार वाले और ग्रामीण गढ़ रोड स्थित मर्चरी पहुंचे। वहां तीनों के शव रखे थे। हादसे में घायल सभी लोग हापुड़ रोड स्थित एमसीसी अस्पताल में भर्ती थे। ग्रामीणों के मुताबिक, दोपहर करीब 12 बजे परिवार वाले जीशान की पत्नी को लेने निकले थे। जीशान की बहनें इशरत और अजरा भी ससुराल से घर आई हुई थीं। अजरा का देवर सुहैल भी उनके साथ था। हादसे में अजरा और सुहैल बच गए।

इशरत के भाई रिहान की भी हादसे में हुई थी मौत

हादसे के बाद मुस्तफा का परिवार टूट गया है। परिवार के लोगों ने बताया कि मुस्तफा की बेटी और भाई मोबिन की हादसे में मौत हो गई। तीन साल पहले रामपुर में हुए हादसे में मुस्तफा के बेटे रिहान की मौत हुई थी। उस सदमे से परिवार वाले अभी उबर भी नहीं पाए थे। जेई गांव में भी मुस्तफा की पत्नी और बेटियों का बुरा हाल है।

इन्होंने कहा

शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिवार के सिपुर्द कर दिए हैं। कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। -अभिजीत कुमार, एसपी देहात