मेरठ नीले ड्रम कांड वाले घर पर आज भी लगी पुलिस की सील, मालिक ने लगाई मकान खाली करने की गुहार
मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड से जुड़े मकान मालिक ने एसएसपी से डेढ़ साल से सील अपने मकान को खुलवाने की गुहार लगाई है।

HighLights
मकान मालिक ने डेढ़ साल से सील मकान खुलवाने की गुहार लगाई।
नीले ड्रम हत्याकांड के बाद पुलिस ने मकान को सील किया था।
कोर्ट ने हत्यारों को मृत्युदंड की सजा सुनाई, अब मकान खाली हो।
जागरण संवाददाता, मेरठ। डेढ़ वर्ष से बंद पड़े नीला ड्रम से मशहूर मकान की सील खुलवाने के लिए मकान मालिक ने बुधवार को एसएसपी से गुहार लगाई। मकान मालिक ने बताया कि मकान के साथ ही उनका गैराज भी सील है। पीड़ित मकान खाली कराकर अपने सिपुर्द कराने की गुहार लगाई है।
मकान के अंदर सौरभ का सामान भी बंद
ब्रह्मपुरी स्थित शास्त्री की कोठी के पास रहने वाले ओमपाल सिंह ने बताया कि उनके मकान के एक हिस्से में सौरभ राजपूत अपनी पत्नी मुस्कान व बेटी के साथ रहते थे। करीब डेढ़ वर्ष पहले सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी।
हत्यारों ने शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में रखकर सीमेंट में जमा दिए थे। हत्या का राजफाश होने के बाद पुलिस ने मकान के उसे हिस्से को सील कर दिया था। मकान के अंदर ही सौरभ का सामान भी बंद है।
ओमपाल सिंह ने कहा कि हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आ चुका है। ऐसे में अब उनके मकान की सील खुलवाकर उनके सिपुर्द किया जाए। एसएसपी बीजीटीएस मूर्ति ने मकान मालिक को इस संबंध में थाना प्रभारी से मिलने को कहा है।
18 मार्च 2025 से सील है मकान
सौरभ राजपूत अपनी पत्नी मुस्कान व बेटी के साथ ब्रह्मपुरी निवासी ओमपाल सिंह के मकान में रहता था। तीन मार्च 2025 को मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल संग मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। इसके बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से जमा दिए थे।
18 मार्च को सौरभ की हत्या का राजफाश होने के बाद पुलिस ने उसकी पत्नी मुस्कान व प्रेमी साहिल को गिरफ्तार कर लिया था। गत 14 अक्टूबर को न्यायालय ने मुस्कान व साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह मकान 18 मार्च 2025 से पुलिस के द्वारा सील किया हुआ है। मकान मालिक ओमपाल ने अब मकान की सील खुलवाने की गुहार लगाई है।

यह है मकान खोलने प्रक्रिया
वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री आनंद कश्यप ने बताया कि मुकदमा खत्म होने के बाद मकान मालिक अपने मकान का ताला खुद भी खोल सकता है। यदि किन्ही कारणों में पुलिस ने सील लगाई है तो न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद संबंधित थाने में पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर सील को खुलवाया जा सकता है।
यदि सील न्यायालय के आदेश पर लगी है तो मकान मलिक को अपने स्वामित्व के कागज न्यायालय में जमा करते हुए एक प्रार्थना पत्र देना होता है, जिनको देखकर न्यायालय संपत्ति से सील खोलने के आदेश पारित करते हैं।
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