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शादी का वादा कर जमानत ले ली और मुकर गया; High Court ने अपनाया कड़ा रुख... जमानत की रद व एसएसपी को किया तलब

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 25 Oct 2026 02:24 PM (IST)

आरोपी नितीश ने शादी का वादा कर जमानत ली, लेकिन बाद में मुकर गया। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)

(प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. आरोपी ने शादी का वादा कर जमानत ली, फिर मुकर गया।

  2. हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत रद्द कर कड़ा रुख अपनाया।

  3. एसएसपी मेरठ को आरोपी को हाईकोर्ट में पेश करना पड़ा।

जागरण संवाददाता, मेरठ। शादी का वादा कर जमानत लेने के बाद शादी करने से मुकरने के आरोपित के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी होने के बावजूद उसे इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेश नहीं किया गया। आदेश का पालन नहीं होने पर हाई कोर्ट ने एसएसपी को तलब किया। इसके बाद एसएसपी आरोपित को जेल से खुद लेकर हाई कोर्ट पहुंचे। करीब 45 मिनट तक चली कार्रवाई के दौरान एसएसपी कोर्ट में रहे। मामले में हाई कोर्ट ने सीजेएम मेरठ के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

17 नवंबर 2025 को मानसी ने सरधना के मुहल्ला त्यागियान निवासी नितीश उर्फ सिद्धार्थ उर्फ सेठी के खिलाफ शादी का झांसा देकर प्रताड़ित करने का मुकदमा सरधना थाने में दर्ज कराया था। पुलिस ने नितीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसने हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी दी।

सुनवाई के दौरान नितीश ने मानसी से शादी करने का प्रस्ताव रखा। इसी आधार पर 18 मार्च को उसे जमानत मिल गई, लेकिन बाद में वह शादी करने से मुकर गया। इसके बाद मानसी ने फिर हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट ने नितीश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर एसएसपी मेरठ को 24 घंटे में तामील कराने का आदेश दिया।

न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने यह आदेश मानसी की जमानत निरस्तीकरण अर्जी पर दिया। अगली सुनवाई आठ अक्टूबर 2026 को होगी। वारंट पर सरधना इंस्पेक्टर प्रताप सिंह ने नितीश को गिरफ्तार कर हाई कोर्ट के बजाय सीजेएम मेरठ की अदालत में पेश कर दिया। 28 सितंबर को सीजेएम ने उसे जेल भेज दिया था जबकि नितीश को हाई कोर्ट में पेश करने के आदेश थे।


आठ अक्टूबर को मानसी फिर हाई कोर्ट पहुंची, लेकिन नितीश वहां मौजूद नहीं था। हाई कोर्ट ने एसएसपी मेरठ को 24 अक्टूबर तक उसे हाई कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया। शनिवार को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति और सीओ सरधना आशुतोष कुमार नितीश को जेल से लेकर हाई कोर्ट पहुंचे और न्यायमूर्ति देशवाल की एकलपीठ के समक्ष पेश किया। उनका केस नंबर 31 था। मामले की सुनवाई सवा तीन बजे शुरू होकर शाम चार बजे तक चली। मानसी और आरोपित नितीश कोर्ट में पेश हुए। नितीश ने न्यायाधीश के समक्ष ही मानसी से शादी करने से इन्कार कर दिया।