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दो या चार नहीं... मेरठ में चिह्नित हैं 1386 अवैध कालोनियां, 312 तोड़ने का किया जा रहा दावा

By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 30 Oct 2026 01:35 AM (IST)

मेरठ में सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक आयोग की जांच में 1386 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की गई हैं। प्राधिकरण के 312 ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)

(प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. मेरठ में 1386 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की गईं।

  2. 312 कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण पर सवाल।

  3. सुप्रीम कोर्ट आयोग की जांच में हुआ खुलासा।

जागरण संवाददाता, मेरठ। अवैध व्यवसायिक और आवासीय निर्माण को लेकर मेरठ का नाम पूरे देश में गूंज रहा है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के बाद अवैध निर्माण की जांच की आंच पूरे शहर में फैल गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित न्यायिक आयोग के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में अवैध कालोनियों की संख्या चौंकाने वाली है।रिपोर्ट कहती है कि प्राधिकरण क्षेत्र में दो चार नहीं बल्कि 1386 अवैध कालोनियां चिह्नित हैं।इसके साथ ही प्राधिकरण का दावा है कि इनमें से 312 कालोनियां ध्वस्त कर दी गई हैं। यह दावा सच नहीं है। शहर में ध्वस्तीकरण के नाम पर किया जाने वाला प्राधिकरण का नाटक किसी से छिपा नहीं है। जिन कालोनियों को ध्वस्त कर देने का दावा किया जा रहा है उन सभी में मकान बने हैं और उनमें लोग निवास कर रहे हैं।

अभी तक मेरठ विकास प्राधिकरण शहर में अवैध कालोनियों की संख्या को सभी से छिपा रहा था।चिह्नित अवैध कालोनियों की संख्या को हर बार मनमाने तरीके से पेश किया जा रहा था लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक आयोग ने इस संबंध में सूचना मांगी है तो मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को सच बताना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक प्राधिकरण के चारों जोन के क्षेत्र में कुल 1386 अवैध कालोनियां चिह्नित की गई हैं। दावा है कि इनमें से 312 पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी कर दी गई है।

मुझसे छिपाया गया आयोग का आगमन: याचिकाकर्ता
अवमानना याचिकाकर्ता लोकेश खुराना का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने आयोग का गठन संबंधी आदेश देते हुए याचिकाकर्ता और उनके अधिवक्ता से भी उल्देपुर मामले में कार्रवाई के लिए मदद करने की अपील की थी। हमे यकीन था कि आयोग जब भी मेरठ आएगा उन्हें भी सूचना मिलेगी और बुलाकर उनसे वार्ता की जाएगी। लेकिन जिला प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। लोकेश खुराना ने आरोप लगाया कि आयोग के आगमन का कार्यक्रम उनसे छिपाया गया। उन्हें आज आयोग के आगमन की जानकारी ही नहीं है। अब वे अपनी बात कोर्ट के सामने ही कहेंगे।