यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लुप्त हो रहा फरह का हनुमान कुंड
तालाब खोदाई-सफाई का काम नहीं पकड़ पा रहा गति अतिक्रमण हटाने के लिए अभी प्रशासन ने की कोई भी कार्रवाई

फरह(मथुरा), संसू। पोखर, तालाब और कुंडों का दायरा धीरे-धीरे सिमट रहा है। इसलिए सरकार ने पुराने तालाब, पोखरों को खोदने और नये तालाबों के निर्माण के लिए अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन कार्य की धीमी गति से योजना सफल होती नजर नहीं आ रही है।
मानसूनी बरसात शुरू हो चुकी है, लेकिन तालाब पोखर साफ करने का काम पूरा भी नहीं हो सका है। ऐसा ही एक है फरह में रेलवे लाइन किनारे का हनुमान कुंड।
हनुमान कुंड कभी महुअन माइनर से लबालब होता था। एक दशक से माइनर में पानी नहीं आ रहा है। पानी न भरने के कारण ग्रामीणों ने इस पर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया। कुंड पर धोबी घाट बना हुआ था, जबकि परखम गांव की दिशा में हनुमान मंदिर है। कभी इसके चारों तरफ फल और छायादार वृक्ष भी खड़े हुए थे। ग्रामीण इसी कुंड में स्नान करते और उनके जानवर भी पानी पीते थे। हनुमान जयंती पर मेला लगता था। कुश्ती दंगल भी इसके किनारे होता था। लोग सिचाई करते थे। वक्त बदलने के साथ यहां का भी परि²श्य बदल गया। धीरे-धीरे करके कुंड अपने अस्तित्व को खोता चला जा रहा है। इसके चारों तरफ झाड़ी खड़ी हो गई है। माइनर का पानी अब नहीं आ रहा है। सिर्फ बरसात का पानी ही इसमें जमा होता है। अब कस्बे के लोग कूड़ा करकट डालकर इसको खत्म कर रहे हैं। --4 एकड़ में फैला हुआ था कुंड
--1 एकड़ में रह गया सिमट कर
--10 साल से नहीं हुआ लबालब
--3 एकड़ से नहीं हटा अतिक्रमण -पैदा होते थे सिघाड़े : कभी इसमें सिघाड़े भी होते थे। जिला पंचायत ने इसका पूर्व में पट्टा भी उठाया था। मुकंदपुर में तालाब खोदने के लिए फावड़े की चाल हुई तेज
--मनरेगा में बढ़ाए मजदूर, रजवाह से भी जोड़ने की तैयारी मथुरा: सदर तहसील के गांव मुकंदुपर में नये तालाब में फावड़ा के चाल तेज हो गई है। मनरेगा के मजदूरों को बुला के खोदाई के कार्य में लगाया जा रहा है। बरसात का पानी तो तालाब में सहेजा ही जाएगा। इसके साथ ही रजवाह का वर्षा के दौरान बेकार जाने वाले पानी को भी इसी तालाब में भरने की योजना भी बनाई गई है।
मुकंदुपर में नये तालाब का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। करीब तीन साल पहले तत्कालीन सीडीओ मनीष वर्मा और एडीएम फाइनेंस ने गांव पहुंच करके यहां तालाब बनाए जाने की ग्राम प्रधान जयवीर सिंह रावत की मांग को हरी झंडी दिखा दी थी। ग्राम प्रधान ने अब मनरेगा से तालाब की खोदाई का काम शुरू करा दिया है। ग्राम प्रधान ने बताया कि मनरेगा में जिन लोगों के जॉब कार्ड हैं, उन सभी को घर-घर से बुलाकर खोदाई के काम कराने के लिए लगाया जा रहा है। ताकि झमाझम बारिश होने से पहले से तालाब की खोदाई का काम पूरा हो जाए। प्रधान ने बताया कि मथुरा रजवाह का पानी भी इसमें लाने की कोशिश की जा रही है। इसकी योजना बनाई जा रही है। जिला पंचायत राज विभाग से धनराशि की मांग की जा रही है। बौहरे का नगला में ग्रामीणों ने खोदी गूल
जासं, मथुरा: सदर तहसील बौहरे का नगला के ग्रामीणों ने 40 साल से सूखे पड़े तालाब को पानी से भरने के लिए अपने-अपने खेतों में होकर गूल खोद दी। वहीं नगला सीता के ग्रामीण आगे मथुरा रजवाह तक गूल की खोदाई नहीं करने दे रहे हैं। यह गूल सड़क के किनारे सरकारी भूमि में होकर खोदी जानी है, जिस पर नगला सीता के ग्रामीणों ने कब्जा कर रखा है। इस कब्जे को हटवाकर पुलिस बल की मौजूदगी में गूल खोदाई कराने के लिए एसडीएम सदर क्रांति शेखर सिंह ने अधीनस्थ अधिकारियों और हाईवे पुलिस को करीब एक साल पहले दिए थे। तभी जल एवं संसाधन मंत्रालय ने कुलावा रखवाने के निर्देश सिचाई विभाग को दिए थे। आदेश निर्देश अभी तक कागजों में ही सिमट कर रह गए। हालांकि जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद एसडीएम क्रांति शेखर सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए सिचाई विभाग को निर्देशित किया था। दो दिन पहले अपर खंड आगरा कैनाल के एई नवीन शर्मा मौका मुआयना भी कर आए। इसकी रिपोर्ट भी एसडीएम सदर को सौंप दी गई।
